Bengal New CM: भाजपा की नवनिर्वाचित विधायक और आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में यौन उत्पीड़न और हत्या की शिकार हुई ट्रेनी डॉक्टर की मां रत्ना देबनाथ ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता भाजपा समर्थक बनकर पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा भड़का रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी तृणमूल कार्यकर्ता को भाजपा का हिस्सा बनने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
ममता बनर्जी का समय अब खत्म
आईएएनएस से बात करते हुए, पानीहाटी विधानसभा सीट से जीतने वाली देबनाथ ने कहा कि ममता बनर्जी का समय अब खत्म हो चुका है लेकिन फिर भी उन्होंने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है, यह कहते हुए कि वह चुनाव नहीं हारी हैं। यह सब उनके पागलपन का नतीजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के कुछ कार्यकर्ता खुद पर भगवा रंग लगाकर हिंसा कर रहे हैं। मैं तृणमूल के किसी भी व्यक्ति को अपनी पार्टी में घुसने नहीं दूंगी। कोई भी उपद्रवी अंदर नहीं आ पाएगा। पानीहाटी में चुनाव के बाद भी अलग-अलग इलाकों में हिंसा हो रही है। तृणमूल के कुछ कार्यकर्ता खुद पर रंग लगाकर भाजपा समर्थक होने का दिखावा कर रहे हैं और तोड़फोड़ कर रहे हैं। देबनाथ ने बताया कि उन्होंने दो पुलिस स्टेशनों में इन घटनाओं के बारे में शिकायत दर्ज कराई है। अधिकारियों ने कहा कि उन लोगों ने दावा किया है कि वे मेरे करीबी हैं। मैंने उनसे कहा कि ‘करीबी’ होने का कोई मतलब नहीं है,भले ही मैं कुछ गलत करूं, तो भी मेरे साथ कानून के हिसाब से ही बर्ताव होना चाहिए। रत्ना देबनाथ ने पुष्टि की कि उनके विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 14 में एक बम धमाका हुआ है। चार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
कोलकाता, पश्चिम बंगाल: भाजपा की विजयी उम्मीदवार रत्ना देबनाथ ने कहा, “कोई भी इसे कभी नहीं भूलेगा। मेरी बेटी की आंखों में पानी नहीं, बल्कि खून के आंसू थे। उसे ड्यूटी पर रहते हुए इतनी बेरहमी से मार दिया गया…” pic.twitter.com/NOTuktMp49
— IANS Hindi (@IANSKhabar) May 8, 2026
एक व्यक्ति की तो सर्जरी भी करनी पड़ी। भाजपा नेता ने यह भी कहा कि पुलिस अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है कि प्रशासन को बिना किसी रोक-टोक के काम करने दिया जाना चाहिए। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के एक सहयोगी की हत्या का जिक्र करते हुए देबनाथ ने कहा कि यह एक सोची-समझी हत्या थी। मैं यह खबर बर्दाश्त नहीं कर पाई और तब से ही मेरी तबीयत खराब चल रही है। देबनाथ ने चंद्रनाथ रथ को अच्छा इंसान बताया। उन्होंने कहा कि वह हमारे घर आते थे, सुवेंदु दा के बिना भी, और इसीलिए मैं उनकी मौत को स्वीकार नहीं कर पा रही हूं। अपने चुनाव क्षेत्र के लोगों के लिए योजनाओं के बारे में कहा कि स्थानीय लोगों ने मुझे अपनी समस्याएं बताई हैं। मैं उनके साथ एक बैठक करुंगी और उनकी समस्याओं को सुलझाने की कोशिश करुंगी।
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