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Bengal News: पश्चिम बंगाल पुलिस कल्याण बोर्ड भंग, सुवेंदु अधिकारी का बड़ा फैसला

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Howrah: BJP leader Suvendu Adhikari addresses a press conference in Howrah district of West Bengal on Friday, May 15, 2026. (Photo: IANS)

Bengal News: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए पश्चिम बंगाल पुलिस कल्याण बोर्ड को भंग करने की घोषणा कर दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में राज्य सरकार 18 मई को आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बोर्ड अपने मूल उद्देश्य से भटककर एक राजनीतिक दल के प्रभाव में काम करने लगा था। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर में आयोजित प्रशासनिक समीक्षा बैठक के दौरान की।

बोर्ड पर राजनीतिक प्रभाव का आरोप

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पुलिस कल्याण बोर्ड की स्थापना पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन बाद में यह एक विशेष राजनीतिक दल की शाखा बनकर रह गया। उन्होंने कहा कि बोर्ड का इस्तेमाल कुछ अधिकारियों के लिए सुविधा का माध्यम बन गया था। मुख्यमंत्री ने पूर्व पुलिस अधिकारी शांतनु सिन्हा बिस्वास का भी जिक्र किया, जो वर्तमान में मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध भूमि कब्जे के मामलों में प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में हैं। उन्होंने कहा कि बोर्ड के संचालन में पारदर्शिता और निष्पक्षता की कमी दिखाई दी।

Bengal News: नई सरकार के फैसलों के बाद बढ़ी सियासी हलचल

यह फैसला ऐसे समय आया है जब राज्य सरकार ने शांतनु सिन्हा बिस्वास को दी गई दो वर्ष की सेवा विस्तार अवधि समाप्त करने का निर्णय लिया है। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी माना जाता था और वे पुलिस कल्याण बोर्ड के समन्वयकों में शामिल थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि अब राज्य में कानून का शासन स्थापित किया जाएगा और प्रशासन निष्पक्ष रूप से कार्य करेगा।

राजनीतिक हिंसा के मामलों में शिकायत दर्ज कराने की छूट

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि अब राजनीतिक हिंसा से प्रभावित लोग सीधे पुलिस में शिकायत दर्ज करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि पीड़ित अपने दावों के समर्थन में दस्तावेज भी प्रस्तुत कर सकेंगे, जिसके आधार पर भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत होती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार पुलिस अब निष्पक्ष तरीके से काम करेगी और किसी भी शिकायत को दबाया नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में अब “शासक का कानून” नहीं बल्कि “कानून का शासन” चलेगा।