Dewas: मध्य प्रदेश के देवास जिले में हुए भीषण पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो राजस्व अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इस हादसे में पांच श्रमिकों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए थे। प्रशासन ने निरीक्षण और सुरक्षा नियमों के पालन में लापरवाही को इस दुर्घटना की प्रमुख वजह माना है। मामले की जांच जारी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
एसडीएम और नायब तहसीलदार पर गिरी गाज
उज्जैन संभागीय आयुक्त आशीष सिंह ने टोंखुर्द के एसडीएम संजीव सक्सेना और नायब तहसीलदार रवि शर्मा को निलंबित कर दिया। प्रशासन के अनुसार दोनों अधिकारियों ने पटाखा फैक्ट्री के नियमित निरीक्षण और निगरानी में गंभीर लापरवाही बरती। निलंबन आदेश में कहा गया है कि विस्फोटक सामग्री से जुड़े कारखानों का मासिक निरीक्षण करना अधिकारियों की जिम्मेदारी थी, ताकि सुरक्षा मानकों और लाइसेंस की शर्तों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। लेकिन समय पर निरीक्षण नहीं होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ी और बड़ा हादसा हो गया।
Dewas: सुरक्षा मानकों की अनदेखी बनी हादसे की वजह
प्रशासन ने बताया कि फैक्ट्री में पहले भी सुरक्षा से जुड़ी घटनाएं सामने आ चुकी थीं, इसके बावजूद आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई। अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने सुरक्षा मानकों को लागू कराने में गंभीर ढिलाई दिखाई। राजस्व विभाग उन छह विभागों में शामिल है जिन्हें ऐसे कारखानों को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने और उनकी निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन का मानना है कि नियमों के पालन में लापरवाही और अनियमितताओं के चलते यह विस्फोट हुआ।
फैक्ट्री मालिक पर एनएसए, जांच जारी
प्रशासन ने फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम लगाया है। उसे 14 मई को विस्फोट के बाद गिरफ्तार किया गया था। संभागीय आयुक्त ने पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दे दिए हैं। जांच में विस्फोट के वास्तविक कारण, विस्फोटक नियमों और राष्ट्रीय भवन संहिता के पालन की स्थिति तथा फैक्ट्री को जारी लाइसेंसों की समीक्षा की जाएगी। इस हादसे में घायल श्रमिकों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और उपचार की जानकारी ली।








