water tragedy: भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई जलजनित घटना ने इंदौर को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी विभिन्न अस्पतालों में उपचाररत हैं। घटना के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार शाम इंदौर के अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचे और प्रभावितों से सीधे संवाद किया। मुख्यमंत्री वर्मा अस्पताल, बीमा अस्पताल, डीएनएस अस्पताल, शैल्बी अस्पताल और एम.वाय. अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति और उपचार व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चिकित्सकों और प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा कर चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि उपचार में किसी भी स्तर पर कोई कमी न रहे। सभी प्रभावितों को निःशुल्क दवाइयाँ, जांच, इंजेक्शन और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाए।
water tragedy:राज्य शासन प्रभावितों के साथ
मुख्यमंत्री ने मरीजों और उनके परिजनों को भरोसा दिलाया कि राज्य शासन पूरी तरह उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दिए कि इलाज की सतत निगरानी की जाए और किसी भी मरीज या परिजन को परेशानी न हो।
10 मौतों के बाद भी क्यों नहीं रोकी गई सप्लाई?
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि दूषित पानी की शिकायतों के बावजूद समय रहते जलापूर्ति क्यों नहीं रोकी गई? क्या जिम्मेदार अधिकारियों ने लापरवाही बरती? और 10 लोगों की मौत का जवाब कौन देगा?
water tragedy:घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम

मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर साफ कहा कि भविष्य में इस तरह की जलजनित घटना दोबारा न हो, इसके लिए ठोस और स्थायी इंतजाम किए जाएं। लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
टैंकरों से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति
मुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल टैंकरों के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। क्षेत्र के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से में जलापूर्ति शुद्ध पाई गई है, जबकि शेष क्षेत्रों में पुरानी और क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त किया जा रहा है।
water tragedy: विस्तृत जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारंभिक जांच में सामने आई लापरवाही की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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