BRICKS MEETING: भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक शासन व्यवस्था में बड़े सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया पहले से कहीं अधिक जुड़ी, जटिल और बहुध्रुवीय हो चुकी है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को अधिक प्रभावी और विश्वसनीय बनाना जरूरी है।
बहुपक्षीय व्यवस्था में सुधार पर जोर
जयशंकर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों का विस्तार किए बिना इसकी प्रभावशीलता सीमित रहेगी। उन्होंने बहुपक्षीय विकास बैंकों (MDBs) को अधिक मजबूत और जवाबदेह बनाने की आवश्यकता भी बताई।
BRICKS MEETING: WTO और वैश्विक व्यापार पर बयान
विदेश मंत्री ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) को केंद्र में रखते हुए एक निष्पक्ष, खुली और नियम-आधारित वैश्विक व्यापार प्रणाली की वकालत की। उन्होंने कहा कि आपूर्ति श्रृंखलाओं के केंद्रीकरण और बाजार पहुंच में अनिश्चितता जैसी चुनौतियों से निपटना जरूरी है।
“सहयोग और संवाद जरूरी”
जयशंकर ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “आज के दौर का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है—सहयोग आवश्यक है, संवाद जरूरी है और सुधार अब टाले नहीं जा सकते।”
BRICKS MEETING: ब्रिक्स को लेकर भारत की भूमिका
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स वैश्विक विकास और ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की यह बैठक आगामी शिखर सम्मेलन की तैयारियों के लिहाज से अहम मानी जा रही है, जिसमें वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक ढांचे में सुधार पर चर्चा को आगे बढ़ाया जाएगा।
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