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Brij Bhushan: कोर्ट से बरी होने के बाद गुरु के दरबार पहुंचे बृजभूषण शरण सिंह, वृंदावन में लिया आशीर्वाद

Brij Bhushan: कोर्ट से बरी होने के बाद गुरु के दरबार पहुंचे बृजभूषण शरण सिंह, वृंदावन में लिया आशीर्वाद

Brij Bhushan: महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले में अदालत से बरी होने के एक दिन बाद पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह मंगलवार को वृंदावन पहुंचे। यहां उन्होंने अपने गुरु रितेश्वर आनंद महाराज के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने पूजा-अर्चना की और मीडिया से बातचीत करते हुए अदालत के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया भी दी।बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि वह पहले भी गुरु रितेश्वर आनंद महाराज के दर्शन के लिए वृंदावन आते रहे हैं और अदालत का फैसला आने के बाद भी सबसे पहले आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका ने उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को सम्मानपूर्वक खारिज कर दिया है।

‘न्यायपालिका ने सच्चाई के आधार पर फैसला दिया’

मीडिया से बातचीत में बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और अदालत ने तथ्यों एवं सबूतों के आधार पर फैसला सुनाया है। उन्होंने कहा, “मैं पहले भी गुरुदेव भगवान के दर्शन करने आया था और अब फैसला आने के बाद भी उनका आशीर्वाद लेने आया हूं।”कोर्ट के फैसले के बाद वृंदावन पहुंचकर गुरु का आशीर्वाद लेना राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

Brij Bhushan: राउज एवेन्यू कोर्ट ने सबूतों के अभाव में किया बरी

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 3 अगस्त 2026 को महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले में बृजभूषण शरण सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं हो सका।इस मामले में बृजभूषण शरण सिंह जुलाई 2023 से नियमित जमानत पर थे। दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के आधार पर मई 2024 में उनके खिलाफ आरोप तय किए गए थे, जिसके बाद मुकदमे की सुनवाई लगातार चलती रही।

Brij Bhushan: जंतर-मंतर के प्रदर्शन से शुरू हुआ था विवाद

इस पूरे मामले की शुरुआत जनवरी 2023 में हुई थी, जब देश के कई नामी पहलवान दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे थे। महिला पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इसके बाद मामला लगातार तूल पकड़ता गया और खिलाड़ियों ने सरकार तथा विभिन्न संस्थाओं के समक्ष अपनी शिकायतें रखीं।बाद में खेल मंत्रालय ने मामले की जांच के लिए ओवरसाइट कमेटी का गठन किया। अप्रैल 2023 में समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसके बाद महिला पहलवानों ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और जंतर-मंतर पर दोबारा प्रदर्शन शुरू किया। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और जांच आगे बढ़ी।

चार्जशीट से लेकर फैसले तक चला लंबा कानूनी सफर

दिल्ली पुलिस ने जून 2023 में बृजभूषण शरण सिंह और तत्कालीन सहायक सचिव विनोद तोमर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद अदालत ने आरोप तय किए और मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई। ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 32 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जबकि कुछ गवाहों को बाद में सूची से हटा दिया गया।करीब साढ़े तीन साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करते हुए 3 अगस्त 2026 को फैसला सुनाया और बृजभूषण शरण सिंह को आरोपों से बरी कर दिया।अदालत से राहत मिलने के बाद बृजभूषण शरण सिंह का वृंदावन पहुंचना और गुरु रितेश्वर आनंद महाराज का आशीर्वाद लेना चर्चा का विषय बन गया है। वहीं, अदालत के फैसले के बाद इस बहुचर्चित मामले पर एक लंबे कानूनी अध्याय का फिलहाल समापन हो गया है, हालांकि इस फैसले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाओं का सिलसिला जारी है।

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