
दुनिया भर में टूटते रिश्तों का सच किस देश में हो रहे सबसे ज़्यादा तलाक
Divorce: पति-पत्नी का रिश्ता भरोसे की बुनियाद पर टिका होता है, लेकिन आज के समय में आपसी तकरार इस रिश्ते में बड़ी खाई पैदा कर

Divorce: पति-पत्नी का रिश्ता भरोसे की बुनियाद पर टिका होता है, लेकिन आज के समय में आपसी तकरार इस रिश्ते में बड़ी खाई पैदा कर

शाकाहारी प्रोटीन आहार भी शरीर को संपूर्ण पोषण दे सकता है। पनीर, दही, सोयाबीन और दाल-चावल जैसे खाद्य पदार्थ मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं, पाचन सुधारते हैं और रोजाना की प्रोटीन जरूरत पूरी करने में मदद करते हैं।

सन क्लॉक डाइट के अनुसार हमारा शरीर प्रकृति और सूरज की लय के साथ जुड़ा होता है। सुबह हल्का, दोपहर भरपूर और रात हल्का भोजन करने से पाचन शक्ति मजबूत रहती है। सही समय पर भोजन करने से शरीर बिना सख्त परहेज के भी स्वस्थ, ऊर्जावान और संतुलित बना रह सकता है।

उत्तानमंडूकासन एक सरल और प्रभावी योगासन है, जो कमर दर्द, कंधों की जकड़न, सांस की परेशानी और पाचन समस्या में लाभ देता है। यह रीढ़ को मजबूत बनाता है, फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है और शरीर में नई ऊर्जा लाता है। आयुष मंत्रालय भी इसके नियमित अभ्यास की सलाह देता है।

आधी रात में खाने की आदत से मोटापा, नींद खराब और पाचन समस्याएं बढ़ती हैं। हेल्दी लाइफस्टाइल और सही समय पर खाना खाने से इन समस्याओं से बचा जा सकता है।

हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन को नियंत्रित करने के लिए योग और प्राणायाम बहुत प्रभावी हैं। ये अभ्यास तनाव कम करते हैं, रक्त प्रवाह बेहतर करते हैं और हृदय स्वास्थ्य को मजबूत बनाते हैं।

बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में योगासन महत्वपूर्ण हैं। ताड़ासन, वृक्षासन और पर्वतासन से उनका शरीर मजबूत, लचीला और पाचन सक्रिय होता है। माता-पिता को बच्चों को रोज़ाना योग के लिए प्रेरित करना चाहिए।

Mental Health Tips: तेज़ रफ्तार जीवनशैली और काम के दबाव के बीच मानसिक स्वास्थ्य को संतुलित रखना आज बड़ी चुनौती बन गया है। विशेषज्ञों का

लंबे स्क्रीन समय और अधूरी नींद से सिर दर्द और आंखों में भारीपन आम समस्या बन गई है। आयुर्वेदिक उपाय जैसे नस्य विधि, तलवों की मालिश, ब्राह्मी, जटामांसी, त्रिफला जल और हल्दी-दूध से आसानी से राहत मिलती है।

सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। इसके पांच अंग – तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार – के आधार पर शुभ-अशुभ समय का निर्धारण होता है। शुभ कार्यों के लिए राहुकाल का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। राहुकाल सुबह 11 बजकर 12 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। इस दौरान कोई भी नया या शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।

Divorce: पति-पत्नी का रिश्ता भरोसे की बुनियाद पर टिका होता है, लेकिन आज के समय में आपसी तकरार इस रिश्ते में बड़ी खाई पैदा कर

शाकाहारी प्रोटीन आहार भी शरीर को संपूर्ण पोषण दे सकता है। पनीर, दही, सोयाबीन और दाल-चावल जैसे खाद्य पदार्थ मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं, पाचन सुधारते हैं और रोजाना की प्रोटीन जरूरत पूरी करने में मदद करते हैं।

सन क्लॉक डाइट के अनुसार हमारा शरीर प्रकृति और सूरज की लय के साथ जुड़ा होता है। सुबह हल्का, दोपहर भरपूर और रात हल्का भोजन करने से पाचन शक्ति मजबूत रहती है। सही समय पर भोजन करने से शरीर बिना सख्त परहेज के भी स्वस्थ, ऊर्जावान और संतुलित बना रह सकता है।

उत्तानमंडूकासन एक सरल और प्रभावी योगासन है, जो कमर दर्द, कंधों की जकड़न, सांस की परेशानी और पाचन समस्या में लाभ देता है। यह रीढ़ को मजबूत बनाता है, फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है और शरीर में नई ऊर्जा लाता है। आयुष मंत्रालय भी इसके नियमित अभ्यास की सलाह देता है।

आधी रात में खाने की आदत से मोटापा, नींद खराब और पाचन समस्याएं बढ़ती हैं। हेल्दी लाइफस्टाइल और सही समय पर खाना खाने से इन समस्याओं से बचा जा सकता है।

हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन को नियंत्रित करने के लिए योग और प्राणायाम बहुत प्रभावी हैं। ये अभ्यास तनाव कम करते हैं, रक्त प्रवाह बेहतर करते हैं और हृदय स्वास्थ्य को मजबूत बनाते हैं।

बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में योगासन महत्वपूर्ण हैं। ताड़ासन, वृक्षासन और पर्वतासन से उनका शरीर मजबूत, लचीला और पाचन सक्रिय होता है। माता-पिता को बच्चों को रोज़ाना योग के लिए प्रेरित करना चाहिए।

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लंबे स्क्रीन समय और अधूरी नींद से सिर दर्द और आंखों में भारीपन आम समस्या बन गई है। आयुर्वेदिक उपाय जैसे नस्य विधि, तलवों की मालिश, ब्राह्मी, जटामांसी, त्रिफला जल और हल्दी-दूध से आसानी से राहत मिलती है।

सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। इसके पांच अंग – तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार – के आधार पर शुभ-अशुभ समय का निर्धारण होता है। शुभ कार्यों के लिए राहुकाल का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। राहुकाल सुबह 11 बजकर 12 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। इस दौरान कोई भी नया या शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।