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दुनिया भर में टूटते रिश्तों का सच किस देश में हो रहे सबसे ज़्यादा तलाक

Devorce: दुनिया भर में टूटते रिश्तों का सच किस देश में हो रहे सबसे ज़्यादा तलाक
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 Divorce: पति-पत्नी का रिश्ता भरोसे की बुनियाद पर टिका होता है, लेकिन आज के समय में आपसी तकरार इस रिश्ते में बड़ी खाई पैदा कर रही है। ‘वर्ल्ड ऑफ स्टेटिसटिक्स’ की साल 2025 की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के कई विकसित देशों में वैवाहिक संबंध तेजी से बिखर रहे हैं, जबकि भारत और उसके पड़ोसी देशों में स्थिति अब भी काफी बेहतर बनी हुई है।

 Divorce: स्पेन और रूस में वैवाहिक संकट

रिपोर्ट के चौंकाने वाले आंकड़ों के अनुसार, स्पेन में तलाक की दर दुनिया में सबसे ज्यादा 86% है। यहाँ पति-पत्नी के बीच झगड़े और अलगाव के मामले सबसे अधिक देखे गए हैं। इसके बाद रूस (74%), यूक्रेन (71%) और इटली (69%) का नंबर आता है। इन यूरोपीय देशों में आर्थिक आत्मनिर्भरता और आपसी समझ की कमी को तलाक की मुख्य वजह माना गया है।

 Divorce: भारत में रिश्तों की मजबूती

दुनिया भर के आंकड़ों के मुकाबले भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में स्थिति बहुत सुखद है। इन देशों में तलाक का प्रतिशत मात्र 1% है। भारत में आज भी शादी को सात जन्मों का बंधन माना जाता है और लोग परिवार की खातिर समझौतों को प्राथमिकता देते हैं। हालांकि, रिपोर्ट यह भी बताती है कि भारत के शहरी इलाकों जैसे दिल्ली (1.9%) और केरल (2.5%) में तलाक के मामले धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं।

क्यों हो रहे हैं तलाक?

तलाक के पीछे कई प्रमुख कारण सामने आए हैं…

आपसी सहमति: बड़ी संख्या में लोग आपसी तालमेल न बैठने के कारण अलग हो रहे हैं।

घरेलू हिंसा और दहेज: भारत में 1.2 लाख से ज्यादा मामले इसी वजह से कोर्ट पहुंचते हैं।

बेवफाई: एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के कारण भी करीब 60 हजार शादियां टूट रही हैं।

अन्य कारण: शक, मानसिक बीमारी, करियर की प्राथमिकताएं और भावनात्मक जुड़ाव की कमी।

महिलाएं ले रही हैं ज्यादा पहल

अमेरिकन सोशियोलॉजिकल एसोसिएशन की एक स्टडी के अनुसार, शादी तोड़ने की पहल करने में महिलाएं आगे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 69% महिलाएं खुद तलाक के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाती हैं, जबकि पुरुषों का प्रतिशत केवल 31% है। जानकारों का मानना है कि महिलाएं रिश्तों को लेकर ज्यादा संवेदनशील होती हैं और आत्मसम्मान को ठेस पहुंचने पर वे अलग होना बेहतर समझती हैं।

जहाँ पश्चिमी देशों में व्यक्तिगत आजादी और करियर के चलते शादियां टूट रही हैं, वहीं भारत के ग्रामीण इलाकों में आज भी सामाजिक ताना-बाना और पारंपरिक मूल्य रिश्तों को बचाए रखने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

 

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