धर्म
23 फरवरी पंचांग: शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सोमवार व्रत का संपूर्ण समय

23 फरवरी का पंचांग: जानें शिव कृपा का शुभ समय, 9 विशेष मुहूर्त और राहुकाल का पूरा विवरण

23 फरवरी का पंचांग सोमवार के विशेष महत्व को दर्शाता है। इस दिन फाल्गुन शुक्ल षष्ठी तिथि, भरणी नक्षत्र, ब्रह्म योग, अमृत काल और रवि योग का संयोग है। जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और शिव पूजा का सही समय, ताकि दिनभर के कार्य सफल और मंगलमय हों।

हजारों साल पुरानी आस्था की अमिट गाथा

1000 साल पुराना चमत्कारी धाम: बीहड़ों में विराजती जालौन वाली माता की अद्भुत शक्ति

जालौन माता मंदिर उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में स्थित एक प्राचीन और प्रसिद्ध सिद्धपीठ है। मान्यता है कि पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान यहां तपस्या की थी। बीहड़ों और यमुना तट के बीच बसा यह धाम आज भी श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और विश्वास का केंद्र बना हुआ है।

20 फरवरी पंचांग और शुभ मुहूर्त

20 फरवरी का पंचांग: 6 प्रमुख मुहूर्त और 3 योगों का संयोग, सर्वार्थ सिद्धि और अमृत योग से भरपूर दिन

20 फरवरी, शुक्रवार का दिन विशेष योग और मुहूर्त से परिपूर्ण है। सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और विजय मुहूर्त का संयोग महत्वपूर्ण कार्यों और पूजा-पाठ के लिए उत्तम है। राहुकाल और भद्रा के समय से बचना जरूरी है। माता लक्ष्मी की भक्ति से धन-धान्य और सुख-शांति प्राप्त होती है।

फुलेरा दूज पर्व

फुलेरा दूज 2026: श्री कृष्ण और राधा रानी के प्रेम को समर्पित पावन पर्व, ब्रज में होली की शुरुआत

फुलेरा दूज 2026, 19 फरवरी को ब्रज क्षेत्र में मनाया जाएगा। यह त्योहार राधा-कृष्ण की फूलों की होली और भक्ति का प्रतीक है। भक्त इस दिन शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना कर प्रसाद वितरित करते हैं।

बुधवार 18 फरवरी

18 फरवरी: जानिए 5 मुख्य पंचांग मुहूर्त और शुभ समय, 4 अशुभ काल जिन्हें आज टालें

18 फरवरी के पंचांग में फाल्गुन मास की शुक्ल प्रतिपदा तिथि, शतभिषा नक्षत्र, शिव योग और बव करण का विवरण दिया गया है। गणेश पूजन, ब्रह्म मुहूर्त, विजय मुहूर्त, गोधूलि मुहूर्त और अमृत काल का सही समय बताया गया है। राहुकाल, यमगंड, गुलिक काल और पंचक योग जैसी अशुभ अवधि का भी उल्लेख किया गया है।

सूर्य ग्रहण 2026

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण: 17 फरवरी को ‘रिंग ऑफ फायर’ का अद्भुत नजारा

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को वलयाकार होगा। इसमें सूर्य का केंद्र ढक जाएगा और चारों ओर चमकदार रिंग बनती है। यह ग्रहण मुख्य रूप से अंटार्कटिका में दिखाई देगा। इस आर्टिकल में सूर्य ग्रहण के चार प्रकार और उनके विशेषताएँ बताई गई हैं।

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण

17 फरवरी 2026: अमावस्या पर साल का पहला वलयाकार सूर्य ग्रहण, भारत में नहीं दिखेगा अद्भुत नजारा

17 फरवरी 2026 को वलयाकार सूर्य ग्रहण लगेगा। यह भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन दक्षिणी गोलार्ध और अंटार्कटिका में “रिंग ऑफ फायर” का अद्भुत दृश्य दिखेगा। भारत में इस दिन पूजा-पाठ और शुभ कार्य सामान्य रूप से किए जा सकते हैं।

चतुर्दशी तिथि का धार्मिक महत्व

16 फरवरी 2026 पंचांग: 7 बड़े योग, 12 शुभ मुहूर्त और महादेव पूजन का महासंयोग

16 फरवरी पंचांग के अनुसार इस दिन फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी, विभिन्न शुभ मुहूर्त, योग और अशुभ काल का विस्तृत विवरण दिया गया है, जिससे आप सही समय पर अपने महत्वपूर्ण कार्य कर सकें।

पावन तिथि और महत्व

Mahashivratri 2026: 4 प्रमुख योग बना रहे हैं महाशिवरात्रि को अत्यंत सिद्ध, जानें पूरा पंचांग

महाशिवरात्रि 2026 भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित पवित्र पर्व है। इस दिन चतुर्दशी तिथि, शुभ योग और मध्यरात्रि पूजा का विशेष महत्व है। भक्त व्रत रखकर शिव आराधना करते हैं और आध्यात्मिक शांति प्राप्त करते हैं।

पूजा विधि, अभिषेक और शुभ वस्तुएं

15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि: जानिए क्यों है यह रात शिव-पार्वती मिलन की सबसे पवित्र घड़ी

महाशिवरात्रि वह पावन तिथि है जब भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य मिलन हुआ तथा शिवलिंग स्वरूप का प्राकट्य माना गया। इस दिन विधि-विधान से की गई पूजा और अभिषेक से सुख-समृद्धि की प्राप्ति और ग्रह दोष शांति की मान्यता है।

23 फरवरी पंचांग: शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सोमवार व्रत का संपूर्ण समय

23 फरवरी का पंचांग: जानें शिव कृपा का शुभ समय, 9 विशेष मुहूर्त और राहुकाल का पूरा विवरण

23 फरवरी का पंचांग सोमवार के विशेष महत्व को दर्शाता है। इस दिन फाल्गुन शुक्ल षष्ठी तिथि, भरणी नक्षत्र, ब्रह्म योग, अमृत काल और रवि योग का संयोग है। जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और शिव पूजा का सही समय, ताकि दिनभर के कार्य सफल और मंगलमय हों।

हजारों साल पुरानी आस्था की अमिट गाथा

1000 साल पुराना चमत्कारी धाम: बीहड़ों में विराजती जालौन वाली माता की अद्भुत शक्ति

जालौन माता मंदिर उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में स्थित एक प्राचीन और प्रसिद्ध सिद्धपीठ है। मान्यता है कि पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान यहां तपस्या की थी। बीहड़ों और यमुना तट के बीच बसा यह धाम आज भी श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और विश्वास का केंद्र बना हुआ है।

20 फरवरी पंचांग और शुभ मुहूर्त

20 फरवरी का पंचांग: 6 प्रमुख मुहूर्त और 3 योगों का संयोग, सर्वार्थ सिद्धि और अमृत योग से भरपूर दिन

20 फरवरी, शुक्रवार का दिन विशेष योग और मुहूर्त से परिपूर्ण है। सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और विजय मुहूर्त का संयोग महत्वपूर्ण कार्यों और पूजा-पाठ के लिए उत्तम है। राहुकाल और भद्रा के समय से बचना जरूरी है। माता लक्ष्मी की भक्ति से धन-धान्य और सुख-शांति प्राप्त होती है।

फुलेरा दूज पर्व

फुलेरा दूज 2026: श्री कृष्ण और राधा रानी के प्रेम को समर्पित पावन पर्व, ब्रज में होली की शुरुआत

फुलेरा दूज 2026, 19 फरवरी को ब्रज क्षेत्र में मनाया जाएगा। यह त्योहार राधा-कृष्ण की फूलों की होली और भक्ति का प्रतीक है। भक्त इस दिन शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना कर प्रसाद वितरित करते हैं।

बुधवार 18 फरवरी

18 फरवरी: जानिए 5 मुख्य पंचांग मुहूर्त और शुभ समय, 4 अशुभ काल जिन्हें आज टालें

18 फरवरी के पंचांग में फाल्गुन मास की शुक्ल प्रतिपदा तिथि, शतभिषा नक्षत्र, शिव योग और बव करण का विवरण दिया गया है। गणेश पूजन, ब्रह्म मुहूर्त, विजय मुहूर्त, गोधूलि मुहूर्त और अमृत काल का सही समय बताया गया है। राहुकाल, यमगंड, गुलिक काल और पंचक योग जैसी अशुभ अवधि का भी उल्लेख किया गया है।

सूर्य ग्रहण 2026

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण: 17 फरवरी को ‘रिंग ऑफ फायर’ का अद्भुत नजारा

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को वलयाकार होगा। इसमें सूर्य का केंद्र ढक जाएगा और चारों ओर चमकदार रिंग बनती है। यह ग्रहण मुख्य रूप से अंटार्कटिका में दिखाई देगा। इस आर्टिकल में सूर्य ग्रहण के चार प्रकार और उनके विशेषताएँ बताई गई हैं।

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण

17 फरवरी 2026: अमावस्या पर साल का पहला वलयाकार सूर्य ग्रहण, भारत में नहीं दिखेगा अद्भुत नजारा

17 फरवरी 2026 को वलयाकार सूर्य ग्रहण लगेगा। यह भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन दक्षिणी गोलार्ध और अंटार्कटिका में “रिंग ऑफ फायर” का अद्भुत दृश्य दिखेगा। भारत में इस दिन पूजा-पाठ और शुभ कार्य सामान्य रूप से किए जा सकते हैं।

चतुर्दशी तिथि का धार्मिक महत्व

16 फरवरी 2026 पंचांग: 7 बड़े योग, 12 शुभ मुहूर्त और महादेव पूजन का महासंयोग

16 फरवरी पंचांग के अनुसार इस दिन फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी, विभिन्न शुभ मुहूर्त, योग और अशुभ काल का विस्तृत विवरण दिया गया है, जिससे आप सही समय पर अपने महत्वपूर्ण कार्य कर सकें।

पावन तिथि और महत्व

Mahashivratri 2026: 4 प्रमुख योग बना रहे हैं महाशिवरात्रि को अत्यंत सिद्ध, जानें पूरा पंचांग

महाशिवरात्रि 2026 भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित पवित्र पर्व है। इस दिन चतुर्दशी तिथि, शुभ योग और मध्यरात्रि पूजा का विशेष महत्व है। भक्त व्रत रखकर शिव आराधना करते हैं और आध्यात्मिक शांति प्राप्त करते हैं।

पूजा विधि, अभिषेक और शुभ वस्तुएं

15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि: जानिए क्यों है यह रात शिव-पार्वती मिलन की सबसे पवित्र घड़ी

महाशिवरात्रि वह पावन तिथि है जब भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य मिलन हुआ तथा शिवलिंग स्वरूप का प्राकट्य माना गया। इस दिन विधि-विधान से की गई पूजा और अभिषेक से सुख-समृद्धि की प्राप्ति और ग्रह दोष शांति की मान्यता है।