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चमोली टनल में बड़ा हादसा, 7 मजदूरों की मौत; पानी और गाद में फंसे लोग, बचाव अभियान जारी

चमोली टनल हादसा: 7 मजदूरों की मौत

Chamoli Tunnel Accident: उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में गुरुवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। HCC की साइट पर निर्माणाधीन DRT टनल के अंदर अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबा आने से कई मजदूर फंस गए। इस हादसे में अब तक 7 मजदूरों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 18 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। बाकी लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

अचानक टनल में भर गया मलबा और पानी

जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 6:30 से 6:45 बजे के बीच टनल के अंदर अचानक एक कैविटी से बड़ी मात्रा में पानी और मलबा बाहर आ गया। यह घटना टनल के गेट से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर हुई।हादसे के समय मजदूर सुरंग के भीतर काम कर रहे थे। अचानक पानी और मलबा आने से उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला और कई मजदूर इसकी चपेट में आकर फंस गए।अधिकारियों के मुताबिक, टनल के अंदर कुल 22 लोगों के फंसे होने की जानकारी मिली थी। इनमें से 18 लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाल लिया गया है, जबकि बाकी लोगों की तलाश जारी है।

3.5 किलोमीटर लंबी सुरंग में हुआ हादसा

जिस प्रोजेक्ट के तहत यह सुरंग बनाई जा रही है, उसकी कुल लंबाई करीब 3.5 किलोमीटर है। हादसा सुरंग के लगभग 1.8 किलोमीटर अंदर हुआ। उस समय वहां ग्रेविटी पर पैकिंग का काम चल रहा था।बताया जा रहा है कि काम के दौरान टनल के अंदर अचानक जोरदार धमाका हुआ। इसके बाद पानी के साथ बड़ी मात्रा में मलबा सुरंग में तेजी से भरने लगा। अचानक हुई इस घटना से वहां मौजूद मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई।सुरंग के अंदर चीख-पुकार की आवाजें सुनाई देने लगीं। मजदूर खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ लोग पानी और मलबे के बहाव के साथ टनल के बाहरी हिस्से की ओर आने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इस दौरान वे मलबे में भी फंसते चले गए।

रात में रोका गया था रेस्क्यू

हादसे के बाद SDRF, NDRF, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया गया।रात के समय टनल में बड़ी मात्रा में मलबा जमा होने के कारण कुछ समय के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा। इसके बाद स्थिति का जायजा लेकर बचाव अभियान दोबारा शुरू किया गया। टीमें लगातार टनल के अंदर फंसे लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं।हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी कहा।टनल निर्माण में छत्तीसगढ़ और झारखंड के मजदूर भी काम कर रहे थे। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री धामी ने छत्तीसगढ़ और झारखंड के मुख्यमंत्रियों से भी बातचीत की। वह लगातार बचाव अभियान की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

चमोली में पहले भी हो चुका है बड़ा हादसा

चमोली में इससे पहले भी सुरंग से जुड़ा एक बड़ा हादसा हो चुका है। पिछले साल दिसंबर में सुरंग के अंदर दो लोको ट्रेन आपस में टकरा गई थीं। इस दुर्घटना में करीब 70 लोग घायल हुए थे।फिलहाल पीपलकोटी की निर्माणाधीन DRT टनल में हुए हादसे के बाद बचाव दल बाकी फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास में जुटे हैं।

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