Tukaram Mundhe: महाराष्ट्र के FDA चीफ तुकाराम मुंढे NDTV YUVA-2026 के मंच पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपने करियर, एक्शन, लगातार होने वाले तबादलों और ट्रेनिंग के दिनों से जुड़े कई किस्से साझा किए। उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान उन्हें उनके नाम की वजह से गालियों से भरी एक चिट्ठी भी मिली थी।
Tukaram Mundhe: अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के बाद मिली थी चिट्ठी-
तुकाराम मुंढे ने अपने करियर के दौरान मिली एक अनोखी शिकायत का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि साल 2006-07 में ट्रेनिंग के दौरान उनकी तैनाती सोलापुर जिले के बार्शी में थी। उस समय उन्होंने अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की थी। कार्रवाई के बाद उनके पास कई शिकायतें और लेटर आए। इनमें से एक चिट्ठी बेहद अलग थी। मुंढे के मुताबिक, चिट्ठी की शुरुआत इस लाइन से हुई थी, ‘आपका नाम तुकाराम है।’ इसके बाद पूरा लेटर गालियों से भरा हुआ था।
Tukaram Mundhe: कई साल बाद बार्शी पहुंचे तो नहीं ढूंढ़ पाए पुराना घर-
मुंढे ने बताया कि चिट्ठी लिखने वाले ने आखिर में यह भी लिखा था कि कई साल बाद जब वह दोबारा बार्शी पहुंचा, तो उसे अपना पुराना घर ढूंढ़ने में दिक्कत हुई। इसकी वजह शहर से अवैध निर्माणों का हट जाना था।
लगातार ट्रांसफर पर क्या बोले तुकाराम मुंढे-
लगातार होने वाले तबादलों को लेकर तुकाराम मुंढे ने कहा कि उनका काम ही ऐसा है, जिसमें ट्रांसफर होते रहते हैं। उन्होंने कहा, “सिस्टम ऐसा ही है। कितने ट्रांसफर हुए हैं, यह मेरा काम नहीं है।” अपने सामान और लगातार होने वाले तबादलों को लेकर उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि इस सवाल का जवाब उनकी पत्नी उनसे बेहतर दे सकती हैं। उन्होंने बताया कि कई जगहों पर वह अपना सामान ठीक से खोल भी नहीं पाए। हालांकि, मुंबई में पिछले 5-6 साल से रहने की वजह से वहां उनका सामान खुला हुआ है।
महाराष्ट्र के हर शहर से जुड़ाव-
महाराष्ट्र से अपने जुड़ाव को लेकर मुंढे ने कहा कि राज्य का हर शहर उन्हें घर जैसा लगता है।
सोशल मीडिया पर अपनी लोकप्रियता को लेकर क्या बोले?
सोशल मीडिया पर अपनी लोकप्रियता को लेकर पूछे गए सवाल पर तुकाराम मुंढे ने कहा कि उन्हें इतना जरूर पता है कि सोशल मीडिया पर उनके बारे में काफी चर्चा होती है, लेकिन यह चर्चा कितनी बड़ी है, इसका उन्हें अंदाजा नहीं है।
उन्होंने कहा, “अगर अच्छा चल रहा है तो अच्छी बात है।”
सोशल मीडिया यूजर्स की भी जिम्मेदारी- मुंढे-
तुकाराम मुंढे ने कहा कि सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वालों की भी एक जिम्मेदारी होती है। लोगों को उनके काम के उद्देश्य पर ध्यान देना चाहिए, न कि सिर्फ इस बात पर कि उन्होंने किसके खिलाफ कार्रवाई की या किसे सस्पेंड किया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अक्सर इस बात की चर्चा होती है कि उन्होंने किसी के खिलाफ एक्शन लिया या कोई कार्रवाई की, लेकिन उनके काम का असली उद्देश्य पब्लिक हेल्थ को बेहतर बनाना है।
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