Cockroach Janata Party: राष्ट्रीय राजधानी में प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को लेकर दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई निर्धारित प्रक्रिया और समय के अनुसार ही होगी। इस मामले ने प्रदर्शन की अनुमति, कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
प्रदर्शन को लेकर अदालत पहुंचा संगठन
सेव इंडिया फाउंडेशन नामक संगठन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की थी कि प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाए। याचिका में कहा गया कि बड़े पैमाने पर होने वाले धरने और सार्वजनिक जमावड़ों से आम लोगों को परेशानी हो सकती है, इसलिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए जाने चाहिए। हालांकि अदालत ने याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार नहीं की और नियमित प्रक्रिया के तहत सुनवाई करने का फैसला किया।
Cockroach Janata Party: बिना अनुमति भीड़ जुटाने पर जताई चिंता
याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता विकास शर्मा ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन लाखों लोगों के एकत्र होने की घोषणा बिना आवश्यक अनुमति के की जाती है तो यह चिंता का विषय बन जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन आयोजकों की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इतने बड़े कार्यक्रम का संचालन किस प्रकार किया जाएगा और सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था कैसे संभाली जाएगी। उनके अनुसार, सार्वजनिक व्यवस्था और आम नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर जोर
याचिकाकर्ता पक्ष के अधिवक्ता उमेश चंद शर्मा ने कहा कि उनकी मांग केवल इतनी है कि मध्य दिल्ली और जंतर-मंतर क्षेत्र में किसी भी बड़े जमावड़े को सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए न्यायालय के पुराने आदेशों का पालन जरूरी है। वहीं याचिकाकर्ता प्रीत सिरोही ने भी प्रदर्शन को लेकर अपनी चिंता जताते हुए कहा कि राजधानी में किसी भी ऐसी गतिविधि को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए जिससे सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो। फिलहाल अदालत के तत्काल सुनवाई से इनकार के बाद अब सभी की नजर अगली निर्धारित सुनवाई पर टिकी हुई है।
ये भी पढ़ें… राज्यसभा चुनाव से पहले झारखंड में महागठबंधन में बढ़ी खींचतान








