cockroach: कॉकरोच जनता पार्टी इन दिनों शिक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा में है, लेकिन इस बीच एक सवाल भी लोगों के मन में उठ रहा है कि आखिर कॉकरोच को धरती का सबसे जिद्दी जीव क्यों कहा जाता है? विज्ञान की दुनिया में कॉकरोच को असाधारण जीव माना जाता है। यह करोड़ों वर्षों से पृथ्वी पर मौजूद हैं और कई कठिन परिस्थितियों में भी जीवित रहने की क्षमता रखते हैं।
डायनासोर से भी पहले धरती पर आए थे कॉकरोच
वैज्ञानिकों के अनुसार कॉकरोच जैसे जीव लगभग 32 करोड़ वर्ष पहले पृथ्वी पर मौजूद थे। यानी ये डायनासोरों से भी पहले के जीव माने जाते हैं। करोड़ों वर्षों में पृथ्वी पर बड़े-बड़े बदलाव हुए, लेकिन कॉकरोच अपनी अनुकूलन क्षमता के कारण जीवित रहे। आज दुनिया में कॉकरोच की लगभग 4600 प्रजातियां पाई जाती हैं।
cockroach: सिर कट जाए तब भी कई दिन तक जिंदा रहते हैं
कॉकरोच के बारे में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सिर कटने के बाद भी वह लगभग एक सप्ताह तक जीवित रह सकता है। इसका कारण यह है कि वह इंसानों की तरह नाक या मुंह से नहीं, बल्कि शरीर में मौजूद छोटे-छोटे छिद्रों से सांस लेता है। उसका रक्त संचार तंत्र भी अलग होता है, इसलिए सिर कटने पर तत्काल मृत्यु नहीं होती। हालांकि बाद में भोजन और पानी नहीं मिल पाने के कारण उसकी मौत हो जाती है।
बिना नर के भी पैदा कर सकते हैं संतान
कुछ प्रजातियों में कॉकरोच बिना नर के भी प्रजनन करने की क्षमता रखते हैं। इस प्रक्रिया को पार्थेनोजेनेसिस कहा जाता है। इसमें मादा कॉकरोच बिना निषेचन के अंडों से संतान उत्पन्न कर सकती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यही वजह है कि कॉकरोच की आबादी तेजी से बढ़ जाती है और इन्हें पूरी तरह खत्म करना कठिन होता है।
cockroach: जीवित रहने की अद्भुत क्षमता ने बनाया खास
कॉकरोच लंबे समय तक भोजन के बिना भी जीवित रह सकते हैं और बेहद संकरे स्थानों में छिप सकते हैं। उनकी शारीरिक संरचना और अनुकूलन क्षमता उन्हें पृथ्वी के सबसे सफल जीवों में शामिल करती है। यही कारण है कि कॉकरोच आज भी वैज्ञानिकों के लिए अध्ययन का महत्वपूर्ण विषय बने हुए हैं।








