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दाऊद का नाम सुनते ही मैंने पैंट में पेशाब कर दिया था…15 साल बाद ललित मोदी का बड़ा खुलासा

Dawood Ibrahim Lalit Modi: दाऊद का नाम सुनते ही मैंने पैंट में पेशाब कर दिया था...15 साल बाद ललित मोदी का बड़ा खुलास

Dawood Ibrahim Lalit Modi: आईपीएल के पूर्व कमिश्नर और कारोबारी Lalit Modi ने एक इंटरव्यू में ऐसा खुलासा किया है जिसने क्रिकेट और अंडरवर्ल्ड की पुरानी बहस को फिर से जिंदा कर दिया है। वर्षों से भारत से बाहर रह रहे ललित मोदी ने पहली बार खुलकर बताया कि आखिर क्यों उन्होंने क्रिकेट प्रशासन से दूरी बना ली और क्यों उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस होने लगा था।ललित मोदी का दावा है कि उन्हें अंडरवर्ल्ड  डॉन Dawood Ibrahim और उसके नेटवर्क से गंभीर धमकियां मिली थीं। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा आया जब उन्हें लगा कि उनकी और उनके परिवार की जान खतरे में है। इसी डर ने उन्हें क्रिकेट की दुनिया से दूर जाने के लिए मजबूर कर दिया।

पैंट में ही पेशाब निकल गया था

इंटरव्यू के दौरान ललित मोदी ने एक पुरानी घटना को याद करते हुए कहा कि जब उन्हें पहली बार दाऊद इब्राहिम और उसके गिरोह के प्रभाव का एहसास हुआ, तो वह बुरी तरह डर गए थे। उन्होंने कहा कि हालात इतने भयावह थे कि “मेरी पैंट में ही पेशाब निकल गया था।यह बयान बताता है कि उस दौर में क्रिकेट, सट्टेबाजी और अंडरवर्ल्ड के नाम किस तरह डर पैदा करते थे। ललित मोदी के मुताबिक, उस समय उन्हें समझ में आ गया था कि मामला सिर्फ खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे ऐसे लोग भी हैं जिनसे टकराना बेहद खतरनाक हो सकता है।

Dawood Ibrahim Lalit Modi: मैच फिक्सिंग के सवाल और अंडरवर्ल्ड का साया

ललित मोदी ने इंटरव्यू में मैच फिक्सिंग और क्रिकेट में कथित अंडरवर्ल्ड दखल का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि क्रिकेट प्रशासन के दौरान उन्हें कई ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा जहां बाहरी दबाव और धमकियों का माहौल बना रहता था।हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इन घटनाओं ने उनके मानसिक और व्यक्तिगत जीवन पर गहरा असर डाला। उनका कहना है कि लगातार मिलने वाली धमकियों के बीच काम करना आसान नहीं था और यही वजह रही कि उन्होंने धीरे-धीरे क्रिकेट प्रशासन से खुद को अलग कर लिया।

Dawood Ibrahim Lalit Modi: मेरे बेटे का अपहरण कर लिया गया था

ललित मोदी ने एक और चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि उनके बेटे का भी अपहरण किया गया था। उन्होंने इस घटना को अपने जीवन के सबसे दर्दनाक अनुभवों में से एक बताया। उनके अनुसार, परिवार को निशाना बनाए जाने के बाद उन्हें यह महसूस हुआ कि मामला केवल उनके खिलाफ नहीं बल्कि उनके करीबियों की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।इस दावे ने एक बार फिर उन सवालों को हवा दे दी है कि आखिर उस दौर में क्रिकेट और अंडरवर्ल्ड के बीच संबंधों को लेकर कितनी गंभीर आशंकाएं मौजूद थीं।

2010 के बाद भारत क्यों नहीं लौटे?

ललित मोदी 2010 से भारत से बाहर रह रहे हैं। उनके खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं और आईपीएल से जुड़े कई मामलों की जांच होती रही है। आलोचक उन्हें भगोड़ा बताते रहे हैं, लेकिन इंटरव्यू में उन्होंने इस आरोप को खारिज किया।उनका कहना है कि भारत से दूर रहने का फैसला केवल कानूनी मामलों की वजह से नहीं था, बल्कि सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी इसकी बड़ी वजह थीं। उन्होंने दावा किया कि अंडरवर्ल्ड से मिलने वाली धमकियों ने उन्हें हमेशा सतर्क रहने पर मजबूर किया।ललित मोदी के इस इंटरव्यू के बाद एक बार फिर दाऊद इब्राहिम का नाम सुर्खियों में आ गया है। भारतीय एजेंसियां लंबे समय से दाऊद को भारत का मोस्ट वांटेड अपराधी मानती रही हैं और उस पर कई गंभीर आरोप लगे हैं।अब ललित मोदी के इस बयान ने क्रिकेट, सट्टेबाजी और अंडरवर्ल्ड के उस पुराने दौर की यादें ताजा कर दी हैं, जब खेल के मैदान से लेकर सत्ता के गलियारों तक दाऊद के नाम की चर्चा होती थी।मेरी पैंट में पेशाब निकल गया था..यह सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि उस डर और दबाव की कहानी है जिसका दावा ललित मोदी आज कर रहे हैं। वर्षों की चुप्पी के बाद सामने आए उनके खुलासों ने कई पुराने सवालों को फिर जिंदा कर दिया है। क्या सचमुच अंडरवर्ल्ड का दबाव इतना बड़ा था कि आईपीएल के सबसे ताकतवर चेहरों में से एक को क्रिकेट से दूरी बनानी पड़ी? यह सवाल अब फिर चर्चा के केंद्र में है।

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