Delhi Bus Rules: दिल्ली-NCR में स्लीपर बस में 16 साल की नाबालिग से गैंगरेप की घटना के बाद दिल्ली सरकार ने राजधानी में चलने वाली बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। सरकार ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बस ऑपरेटर्स और स्टाफ के लिए कई नए निर्देश जारी किए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
Delhi Bus Rules: बसों में VLTD और पैनिक बटन अनिवार्य-
दिल्ली सरकार के ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के निर्देशों के मुताबिक, सभी बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD), आसानी से इस्तेमाल होने वाला पैनिक बटन, आग बुझाने वाला यंत्र और फर्स्ट-एड किट होना जरूरी होगा। इन सुरक्षा उपकरणों के जरिए किसी आपात स्थिति में यात्रियों को तुरंत मदद मिल सकेगी।
Delhi Bus Rules: ड्राइवर-कंडक्टर का बैकग्राउंड वेरिफिकेशन जरूरी-
बस ऑपरेटरों को ड्राइवर और कंडक्टर की नियुक्ति से पहले उनका बैकग्राउंड वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। ड्राइवर और कंडक्टर के पास वैध लाइसेंस, निर्धारित यूनिफॉर्म और जरूरी PSV दस्तावेज होना चाहिए। इसके अलावा, नशे की हालत में वाहन चलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। बस स्टाफ को यात्रियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
छेड़छाड़ या परेशानी की शिकायत पर तुरंत पुलिस को सूचना-
अगर बस में किसी यात्री के साथ छेड़छाड़ या किसी तरह की परेशानी की घटना सामने आती है, तो बस स्टाफ को तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी देनी होगी। जरूरत पड़ने पर बस को नजदीकी पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट या PCR वैन तक ले जाने के निर्देश दिए गए हैं।
दिव्यांग यात्रियों की मदद करना होगा अनिवार्य-
नए निर्देशों में दिव्यांग यात्रियों की सुविधा पर भी जोर दिया गया है। बस स्टाफ को दिव्यांग यात्रियों को बस में चढ़ने और उतरने में आवश्यक मदद करनी होगी।
फिटनेस और PUC सर्टिफिकेट भी जरूरी-
ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने बस ऑपरेटर्स को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि हर बस के पास वैध फिटनेस सर्टिफिकेट हो। इसके साथ ही बसों को निर्धारित एमिशन स्टैंडर्ड्स का पालन करना होगा और वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट भी रखना जरूरी होगा।
ट्रैफिक नियमों का पालन अनिवार्य-
दिल्ली सरकार ने बस ऑपरेटर्स और स्टाफ को सभी ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य बसों में महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगों और अन्य यात्रियों के लिए सुरक्षित और बेहतर यात्रा व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
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