Delimitation Bill: लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम और परिसीमन को लेकर हुई चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अतीत में भी परिसीमन की प्रक्रिया को रोककर देश की जनता को उसके अधिकारों से वंचित रखा और आज भी वही प्रयास कर रही है। शाह ने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण का प्रावधान आगामी जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन से जुड़ा हुआ है।
परिसीमन और महिला आरक्षण का संबंध स्पष्ट
गृह मंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में स्पष्ट उल्लेख है कि 2026 के बाद होने वाली जनगणना के पश्चात परिसीमन किया जाएगा और उसी के आधार पर महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित होगा। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह प्रावधान नया नहीं है, बल्कि पूर्व की व्यवस्थाओं से जुड़ा हुआ है।
Delimitation Bill: कांग्रेस पर ऐतिहासिक फैसलों को लेकर आरोप
अमित शाह ने कहा कि 1970 के दशक में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार ने परिसीमन प्रक्रिया को रोक दिया था। उन्होंने बताया कि 1976 में आपातकाल के दौरान संविधान संशोधन के माध्यम से परिसीमन पर रोक लगाई गई थी। शाह ने आरोप लगाया कि उस समय भी कांग्रेस ने राजनीतिक कारणों से जनता को परिसीमन के लाभ से वंचित किया और आज भी विपक्ष उसी सोच के साथ काम कर रहा है।
जनगणना और जाति आधारित आंकड़ों पर सरकार का रुख
गृह मंत्री ने जनगणना में देरी को लेकर कहा कि 2021 में कोरोना महामारी के कारण यह प्रक्रिया संभव नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि अब सरकार ने व्यापक चर्चा के बाद जाति आधारित जनगणना कराने का निर्णय लिया है, जो 2026 में आयोजित की जाएगी। शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तर और दक्षिण के बीच किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा और देश की एकता को बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार जनगणना और परिसीमन दोनों प्रक्रियाओं को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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