Home » राजनीति » धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी छात्रों का प्रदर्शन जारी, कई जिलों में हिंसा और लाठीचार्ज

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी छात्रों का प्रदर्शन जारी, कई जिलों में हिंसा और लाठीचार्ज

 Dharmendra Pradhan Resignation:

Dharmendra Pradhan Resignation: नीट पेपर लीक, छात्र आंदोलन पर हुए लाठीचार्ज और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को छात्र संगठनों ने बिहार बंद का आह्वान किया। बंद का असर राज्य के कई जिलों में देखने को मिला। कई जगह प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज, आंसू गैस और हवाई फायरिंग का सहारा लेना पड़ा।

Dharmendra Pradhan Resignation: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर छात्रों ने मनाया जश्न-

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर के बाद पटना के डाकबंगला चौराहे पर छात्रों ने ‘जीत गए’ के नारे लगाए। हालांकि, इस्तीफे के बावजूद शिवहर समेत कई जिलों में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। भीम आर्मी भारत एकता मिशन के बैनर तले छात्रों ने जीरोमाइल चौक पर प्रदर्शन किया।

Dharmendra Pradhan Resignation: कई जिलों में हिंसा और पथराव-

पश्चिमी चंपारण के मुहर्रम चौक पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। पुलिस पर पथराव किया गया, जिसके बाद लाठीचार्ज कर स्थिति को नियंत्रित किया गया। पुलिस ने तलाशी अभियान चलाकर करीब एक दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया। सिवान में भी प्रदर्शन हिंसक हो गया। पथराव में पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा घायल हो गए। हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और 10 राउंड हवाई फायरिंग की।

सीतामढ़ी में एसपी समेत 13 पुलिसकर्मी घायल-

सीतामढ़ी में अंबेडकर कल्याण छात्रावास से निकला आक्रोश मार्च शंकर चौक पहुंचते ही उग्र हो गया। उपद्रवियों ने एक बाइक में आग लगा दी और पुलिस पर पथराव किया। इस घटना में पुलिस अधीक्षक अमित रंजन सहित एक एसआई समेत कुल 13 पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायल एसपी को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया।

आरा में ट्रेन रोकी, छपरा में BDO घायल-

आरा रेलवे स्टेशन पर छात्र संगठनों ने पटना–बक्सर पैसेंजर ट्रेन रोककर रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन किया। बाद में प्रशासन ने समझाइश देकर प्रदर्शनकारियों को हटाया। वहीं छपरा में प्रदर्शन के दौरान हुए पथराव में सदर बीडीओ दृष्टि पांडेय घायल हो गईं। पुलिस ने हालात संभालने के लिए लाठीचार्ज किया।

नालंदा में बंद का सीमित असर-

नालंदा जिले में बिहार बंद का असर अपेक्षाकृत कम रहा। अधिकांश बाजार खुले रहे और जनजीवन सामान्य रहा। हालांकि, एहतियात के तौर पर कई सरकारी और निजी स्कूल बंद रखे गए।

पुलिस अलर्ट पर, हालात पर नजर-

राज्य के संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जबकि पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है

यह भी पढ़े- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर खड़गे का बड़ा हमला, बोले- छात्रों के संघर्ष के आगे झुकी केंद्र सरकार