Donald trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने बयान से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने दावा किया है कि अगर वह नहीं होते तो आज इजरायल का अस्तित्व भी नहीं होता। इसके साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में वह ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई से मुलाकात कर सकते हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और तीनों देशों के नेताओं की ओर से लगातार बयानबाजी जारी है।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर क्या बोले ट्रंप?
ट्रंप ने कहा कि ईरान पहले ही परमाणु हथियार नहीं रखने पर सहमति जता चुका है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान अपना रुख बदल सकता है, लेकिन फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि वह परमाणु हथियार हासिल न करे। ट्रंप ने अयातुल्ला खामेनेई का जिक्र करते हुए कहा, “मुझे अभी तक उनसे मिलने का मौका नहीं मिला है। वह इस समय अच्छी स्थिति में नहीं हैं और सार्वजनिक रूप से भी नजर नहीं आ रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में उनकी अयातुल्ला से मुलाकात हो सकती है।
Donald trump: “ईरान के खिलाफ कार्रवाई की शुरुआत मैंने की”
ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ही इसकी शुरुआत की थी। उनका कहना था कि दुनिया ईरान को परमाणु हथियार रखने की इजाजत नहीं दे सकती। ट्रंप ने कहा, “अगर मैं नहीं होता तो आज इजरायल भी नहीं होता। हमने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकना जरूरी था।”
Donald trump: जेडी वेंस और मार्को रुबियो की खुलकर तारीफ
अमेरिकी राजनीति को लेकर भी ट्रंप ने कई टिप्पणियां कीं। उन्होंने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो की जमकर तारीफ की। ट्रंप ने कहा कि दोनों बेहद प्रतिभाशाली नेता हैं और साथ मिलकर एक मजबूत टीम बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें वेंस और रुबियो दोनों पसंद हैं और दोनों का भविष्य उज्ज्वल है।
बाइडन पर भी साधा निशाना
ट्रंप ने 2024 के चुनावी अभियान के दौरान जो बाइडन के साथ हुई बहस का जिक्र करते हुए उन पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि बहस के दौरान उन्हें देखकर लगा कि उनकी हालत ठीक नहीं है।
खुद की तारीफ, नेतन्याहू पर भी टिप्पणी
अपने राजनीतिक प्रभाव का जिक्र करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि वह जिस उम्मीदवार का समर्थन करते हैं, उसकी जीत की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि हाल के चुनावी नतीजे इसका उदाहरण हैं। इसी दौरान ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय वह उनसे काफी नाराज थे। ट्रंप के अनुसार, लेबनान को लेकर लगातार जारी सैन्य कार्रवाई से वह परेशान हो गए थे और उन्होंने नेतन्याहू से कहा था कि अब इसे रोकने की जरूरत है।
क्यों चर्चा में है ट्रंप का बयान?
Donald trump: ट्रंप का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब मध्य पूर्व में हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच ट्रंप के बयान को आने वाले दिनों की कूटनीतिक राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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