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ट्रंप से क्यों नाराज हैं अमेरिकी युवा? मिडटर्म चुनाव से पहले सर्वे में क्या निकला, समझिए पूरा मामला

Donald Trump News: अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के सामने मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स और सिएना यूनिवर्सिटी के ताजा सर्वे में ट्रंप के कामकाज को लेकर मतदाताओं की नाराजगी सामने आई है। खास तौर पर अर्थव्यवस्था, महंगाई, पेट्रोल की कीमतों और ईरान के साथ युद्ध को लेकर लोगों में असंतोष है। दूसरी ओर, युवा मतदाताओं के बीच डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रति झुकाव बढ़ने के संकेत मिले हैं। ऐसे में सवाल है कि ट्रंप से अमेरिकी युवा क्यों नाराज हैं, सर्वे के आंकड़े क्या बताते हैं और इसका मिडटर्म चुनाव पर क्या असर पड़ सकता है?

 अमेरिका में मिडटर्म चुनाव क्या होते हैं?

अमेरिका में राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के बीच होने वाले चुनावों को मिडटर्म चुनाव कहा जाता है। इन चुनावों में राष्ट्रपति का चुनाव नहीं होता, बल्कि अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस के दोनों सदनों- हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट की सीटों के लिए मतदान होता है। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों पर चुनाव होता है, जबकि सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों पर मतदान होता है। इस बार मतदान 3 नवंबर 2026 को होना है। चुनाव के नतीजे तय करेंगे कि कांग्रेस के दोनों सदनों में किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा।

मिडटर्म चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इनके नतीजे राष्ट्रपति की नीतियों और अगले दो वर्षों के राजनीतिक एजेंडे को प्रभावित कर सकते हैं। यदि राष्ट्रपति की पार्टी दोनों सदनों में बहुमत बनाए रखती है, तो उसे अपने विधायी प्रस्ताव आगे बढ़ाने में अपेक्षाकृत आसानी हो सकती है। इसके विपरीत, विपक्षी पार्टी को बहुमत मिलने पर राष्ट्रपति को कानून और बजट से जुड़े मुद्दों पर अधिक विरोध का सामना करना पड़ सकता है।

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Donald Trump News: सर्वे में ट्रंप को लेकर क्या सामने आया?

न्यूयॉर्क टाइम्स और सिएना यूनिवर्सिटी ने 12 से 19 अक्टूबर 2026 के बीच संभावित मतदाताओं के बीच सर्वे किया। इसके नतीजे 21 अक्टूबर को जारी किए गए। सर्वे में 3,494 संभावित मतदाता शामिल थे। सर्वे के मुताबिक, 36 प्रतिशत मतदाताओं ने ट्रंप के कामकाज को मंजूरी दी, जबकि 59 प्रतिशत ने असहमति जताई। यह इस सर्वेक्षण में ट्रंप की अब तक की सबसे कम अप्रूवल रेटिंग बताई गई। कांग्रेस के चुनाव में किस पार्टी के उम्मीदवार को वोट देने की प्राथमिकता है, इस सवाल पर भी डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को रिपब्लिकन उम्मीदवारों पर बढ़त मिली। सर्वे किसी चुनाव का अंतिम नतीजा नहीं होता। इससे मतदाताओं के मौजूदा रुझान का अंदाजा मिलता है, लेकिन वास्तविक परिणाम मतदान, उम्मीदवारों, स्थानीय मुद्दों और चुनावी क्षेत्रों की स्थिति पर निर्भर करते हैं।

युवा मतदाताओं के रुझान में क्या बदलाव आया?

युवा मतदाताओं से जुड़े सर्वे के आंकड़े रिपब्लिकन पार्टी के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण हैं। द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, 18 से 29 वर्ष के मतदाताओं में डेमोक्रेटिक पार्टी से अपनी पहचान जोड़ने या उसकी ओर झुकाव रखने वालों का अनुपात 2024 में 55 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 70 प्रतिशत बताया गया है।

इसी रिपोर्ट के अनुसार, युवा मतदाताओं के बीच अपने चुनावी क्षेत्र में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार को वोट देने का झुकाव भी बढ़ा है। रिपोर्ट में ट्रंप के कामकाज को मंजूरी देने वाले 18 से 29 वर्ष के मतदाताओं का अनुपात 16 प्रतिशत और असहमति जताने वालों का अनुपात 79 प्रतिशत बताया गया है। इन आंकड़ों को समझते समय एक अंतर का ध्यान रखना जरूरी है। किसी पार्टी की पहचान या उसके प्रति झुकाव और चुनाव में किसी उम्मीदवार को वोट देने की पसंद अलग-अलग सवाल हैं। इसलिए 70 प्रतिशत डेमोक्रेटिक झुकाव और 55 प्रतिशत रिपब्लिकन समर्थन को एक ही सवाल के नतीजे के रूप में पेश करना सही नहीं होगा।

Donald Trump News: ट्रंप से अमेरिकी युवा क्यों नाराज हैं?

महंगाई और जीवन-यापन का बढ़ता खर्च

ट्रंप प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में अर्थव्यवस्था और जीवन-यापन की लागत शामिल हैं। घर का किराया, मकान खरीदने का खर्च, रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुएं और पेट्रोल जैसी चीजें सीधे लोगों के बजट को प्रभावित करती हैं। युवा मतदाताओं के लिए इन मुद्दों का महत्व इसलिए भी अधिक है, क्योंकि उनमें से कई पढ़ाई पूरी करने, नौकरी शुरू करने या अपना घर खरीदने की कोशिश कर रहे होते हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स-सिएना सर्वे में ट्रंप के आर्थिक प्रबंधन को लेकर असंतोष सामने आया। सर्वे में 69 प्रतिशत संभावित मतदाताओं ने जीवन-यापन की लागत को संभालने के उनके तरीके पर असहमति जताई। पेट्रोल की कीमतों को लेकर भी 73 प्रतिशत मतदाताओं ने उनके कामकाज को मंजूरी नहीं दी।

राजनीतिक रूप से यह मुद्दा इसलिए अहम है, क्योंकि चुनाव के दौरान मतदाता अक्सर यह देखते हैं कि सरकार की नीतियों का असर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर कैसा पड़ा है। यदि लोगों को लगता है कि उनकी आय की तुलना में खर्च तेजी से बढ़ रहा है, तो वे सत्तारूढ़ पार्टी से सवाल कर सकते हैं।

रोजगार और आर्थिक भविष्य की चिंता

युवा मतदाताओं की चिंता सिर्फ आज के खर्च तक सीमित नहीं है। नौकरी मिलने की संभावना, वेतन, शिक्षा का खर्च और भविष्य में आर्थिक स्थिरता भी उनके फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं। अमेरिका में युवा मतदाताओं के बीच डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर बढ़ते झुकाव को इसी व्यापक आर्थिक असंतोष के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि हर युवा मतदाता सिर्फ महंगाई या रोजगार के कारण ही ट्रंप से नाराज है। किसी मतदाता की पसंद पर सामाजिक मुद्दे, आव्रजन नीति, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और राजनीतिक विचार भी असर डाल सकते हैं।

 ईरान के साथ युद्ध का ट्रंप की लोकप्रियता पर क्या असर पड़ रहा है?

अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव भी चुनावी चर्चा का हिस्सा है। विदेश नीति से जुड़े फैसले केवल अंतरराष्ट्रीय संबंधों तक सीमित नहीं रहते। सैन्य अभियान पर होने वाला खर्च, ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और तेल की कीमतों में बदलाव आम नागरिकों के जीवन को भी प्रभावित कर सकते हैं।

न्यूयॉर्क टाइम्स-सिएना सर्वे में 65 प्रतिशत मतदाताओं ने ईरान युद्ध को संभालने के ट्रंप के तरीके पर असहमति जताई। इससे पता चलता है कि विदेश नीति को लेकर भी उनके सामने चुनौती है। ट्रंप ने अपने राजनीतिक अभियान में अमेरिका के हितों और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रमुखता दी है। लेकिन जब किसी सैन्य संघर्ष के साथ आर्थिक लागत या घरेलू असुविधाएं जुड़ती हैं, तो मतदाता सरकार के फैसलों पर सवाल उठा सकते हैं। मिडटर्म चुनाव में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ईरान से जुड़ा मुद्दा मतदाताओं के मतदान व्यवहार को कितना प्रभावित करता है।

Donald Trump News: क्या डेमोक्रेटिक पार्टी को इसका फायदा मिल सकता है?

सर्वे में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को मिली बढ़त पार्टी के लिए उत्साहजनक संकेत हो सकती है। न्यूयॉर्क टाइम्स-सिएना के राष्ट्रीय सर्वे में कांग्रेस के चुनावों के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को रिपब्लिकन उम्मीदवारों पर बढ़त मिली। सर्वे में मतदाताओं ने अर्थव्यवस्था, जीवन-यापन की लागत, स्वास्थ्य सेवाओं और विदेश में चल रहे युद्धों जैसे मुद्दों पर डेमोक्रेट्स पर अपेक्षाकृत अधिक भरोसा भी जताया। हालांकि, सर्वे में दोनों राजनीतिक दलों को लेकर असंतोष भी दर्ज किया गया।

फिर भी, राष्ट्रीय स्तर पर किसी पार्टी को मिलने वाली बढ़त का अर्थ यह नहीं है कि उसे हर राज्य और हर चुनावी क्षेत्र में जीत मिलेगी। अमेरिका में स्थानीय उम्मीदवारों की लोकप्रियता, चुनावी क्षेत्रों की संरचना, मतदाताओं की भागीदारी और स्थानीय मुद्दे नतीजों पर असर डालते हैं। इसलिए सर्वे के आधार पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि डेमोक्रेटिक पार्टी निश्चित रूप से चुनाव जीत जाएगी। इन आंकड़ों से फिलहाल इतना संकेत मिलता है कि रिपब्लिकन पार्टी को अपने मतदाताओं का समर्थन बनाए रखने के लिए आर्थिक और अन्य घरेलू मुद्दों पर जवाब देना पड़ सकता है।

अगर डेमोक्रेट्स को कांग्रेस में बहुमत मिला तो ट्रंप पर क्या असर होगा?

यदि डेमोक्रेटिक पार्टी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स या सीनेट में बहुमत हासिल करती है, तो ट्रंप प्रशासन को विधायी प्रक्रिया में अधिक राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ सकता है। कांग्रेस के दोनों सदन कानून बनाने, बजट पारित करने और सरकार के कामकाज की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सदनों में विपक्ष का नियंत्रण होने पर प्रशासन के विधायी प्रस्तावों को समर्थन जुटाने में कठिनाई हो सकती है। कांग्रेस की समितियां सरकारी फैसलों की जांच भी कर सकती हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि राष्ट्रपति के सभी फैसले अपने आप रुक जाएंगे। राष्ट्रपति के अधिकार, कांग्रेस की शक्तियां और संबंधित कानूनों की प्रक्रिया अलग-अलग होती है। किसी नीति या प्रस्ताव का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि वह किस प्रकार का है और उसे लागू करने के लिए किन संवैधानिक या विधायी प्रक्रियाओं की जरूरत है।

मिडटर्म चुनाव के नतीजे 2028 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले दोनों पार्टियों की रणनीति को भी प्रभावित कर सकते हैं। यदि रिपब्लिकन पार्टी को नुकसान होता है, तो पार्टी के भीतर ट्रंप की नीतियों और चुनावी रणनीति पर चर्चा तेज हो सकती है। दूसरी ओर, डेमोक्रेट्स के लिए भी चुनावी सफलता आगे की राजनीतिक दिशा तय करने का अवसर होगी।

Donald Trump News: क्या युवा मतदाताओं की नाराजगी ट्रंप के लिए बड़ा संकेत है?

युवा मतदाताओं के रुझान इसलिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे आने वाले वर्षों में अमेरिकी राजनीति का अहम हिस्सा बने रहेंगे। 2024 के चुनाव में युवा मतदाताओं के बीच ट्रंप को मिले समर्थन की तुलना में अब डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर बढ़ते झुकाव की रिपोर्टें सामने आ रही हैं। इससे रिपब्लिकन पार्टी के लिए यह सवाल उठता है कि क्या उसकी नीतियां युवा मतदाताओं की आर्थिक और सामाजिक चिंताओं का पर्याप्त जवाब दे पा रही हैं।

लेकिन युवा मतदाता कोई एक जैसा समूह नहीं हैं। उनकी पसंद आय, शिक्षा, क्षेत्र, सामाजिक पृष्ठभूमि और राजनीतिक विचारों के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए किसी एक सर्वे को सभी अमेरिकी युवाओं की राय का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता। ट्रंप की लोकप्रियता में गिरावट और युवा मतदाताओं का डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर झुकाव रिपब्लिकन पार्टी के लिए चुनौती जरूर हैं, लेकिन चुनाव के नतीजे मतदान के दिन ही स्पष्ट होंगे।

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