Donald Trump’s claim: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि एक सप्ताह से जारी सैन्य संघर्ष के बाद ईरान की सैन्य ताकत लगभग टूट चुकी है। उनके अनुसार अमेरिका और Israel के संयुक्त हमलों ने ईरान की नौसेना, वायुसेना और मिसाइल सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचाया है। ट्रंप ने कहा कि फिलहाल अमेरिका किसी त्वरित समझौते की तलाश में नहीं है, लेकिन बातचीत में वाशिंगटन के पास मजबूत “नेगोशिएटिंग लीवरेज” मौजूद है।
70 प्रतिशत रॉकेट लॉन्चर नष्ट होने का दावा
एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने बताया कि 28 फरवरी को शुरू किए गए संयुक्त सैन्य अभियान के बाद ईरान की मिसाइल क्षमता को बड़ा झटका लगा है। उनके अनुसार अब तक ईरान के करीब 70 प्रतिशत रॉकेट लॉन्चर नष्ट किए जा चुके हैं। ट्रंप ने कहा कि ये लॉन्चिंग सिस्टम बेहद महंगे और जटिल होते हैं, जिन्हें जल्दी दोबारा तैयार करना आसान नहीं होता। ऐसे में इन सिस्टमों के नष्ट होने से ईरान की जवाबी हमला करने की क्षमता काफी कम हो गई है।
Donald Trump’s claim: “ईरान की नेवी और एयरफोर्स लगभग खत्म”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि हमलों में ईरान की नौसेना को भारी नुकसान हुआ है। उनके मुताबिक लगभग 44 जहाज तबाह कर दिए गए हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान की एयरफोर्स भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई है और कई सैन्य विमान नष्ट कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि संघर्ष के शुरुआती दो दिनों की तुलना में अब ईरान की जवाबी कार्रवाई लगभग 9 प्रतिशत तक सिमट गई है।
नेतृत्व संरचना को भी बड़ा झटका
ट्रंप ने संकेत दिया कि सैन्य हमलों का असर ईरान की नेतृत्व व्यवस्था पर भी पड़ा है। उनके अनुसार पहले शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाया गया और उसके बाद दूसरे स्तर के नेतृत्व को भी खत्म कर दिया गया। उन्होंने कहा कि अब वहां ऐसे लोग नेतृत्व कर रहे हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत कम लोग जानते हैं।
Donald Trump’s claim: समझौते की जल्दबाजी में नहीं अमेरिका
हालांकि ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास बातचीत में बढ़त है, लेकिन फिलहाल वाशिंगटन किसी कूटनीतिक समझौते के लिए जल्दबाजी में नहीं है। उन्होंने कहा कि सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रह सकती है जब तक इसकी आवश्यकता महसूस होगी।
मध्य-पूर्वी देशों से माफी मांगने का दावा
ट्रंप ने यह भी कहा कि हाल ही में ईरान ने कुछ मध्य-पूर्वी देशों से माफी मांगी है, जिन पर पहले हमले हुए थे। उनके अनुसार यह संकेत है कि ईरान दबाव में है और पीछे हटने की कोशिश कर रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका कुर्द लड़ाकों को इस युद्ध में शामिल होने की अनुमति नहीं देगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका कुर्दों का मित्र है, लेकिन युद्ध को और जटिल बनाने से बचना चाहता है।
Donald Trump’s claim: युद्ध के बाद ईरान का स्वरूप बदल सकता है
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि युद्ध खत्म होने के बाद ईरान की राजनीतिक या भौगोलिक स्थिति में बदलाव संभव है। उन्होंने कहा कि इस पूरे सैन्य अभियान का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को स्थायी रूप से कमजोर करना है ताकि भविष्य में वैश्विक सुरक्षा को मजबूत बनाया जा सके।
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