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CM योगी ने त्रिवेणी कार्यक्रम में बताया अपना ‘पसंदीदा विषय’, किस्सा सुन Influencer बजाने लगे तालियां, पढ़िए रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर ने कैसे बदली प्रदेश की दिशा?

CM योगी ने त्रिवेणी कार्यक्रम में बताया अपना पसंदीदा विषय

UP TRIVENI: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ में आयोजित डी-3 त्रिवेणी (Digital Democracy Dialogue) कार्यक्रम में ऐसा बयान दिया, जिसने पूरे सभागार में तालियों की गूंज भर दी। सुशासन, विकास, तकनीक और नए उत्तर प्रदेश की चर्चा के बीच जब बात माफियाओं पर आई तो मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि माफिया का सफाया करना मेरा सबसे प्रिय विषय है। सीएम योगी के इस एक वाक्य ने कार्यक्रम की सबसे बड़ी सुर्खी बटोर ली।

जब डीजीपी लेकर पहुंचे माफिया की फाइल…

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल के शुरुआती दिनों का एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि एक बार तत्कालीन डीजीपी उनके पास एक फाइल लेकर पहुंचे। फाइल में लिखा था कि लखनऊ में एयरपोर्ट के पास यूपी पुलिस की करीब 120 एकड़ जमीन पर एक माफिया का कब्जा है। सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारों के संरक्षण में वह माफिया इतना ताकतवर हो चुका था कि पुलिस भी उसके खिलाफ कार्रवाई करने से डरती थी। उन्होंने कहा कि जब डीजीपी ने मुझे यह जानकारी दी तो मैंने उनसे कहा- यह तो मेरा सबसे प्रिय विषय है, फाइल मुझे दे दीजिए। बस सीएम योगी के इतना कहते है सभागार तालियों से गूंज उठा।

FIR के अगले ही दिन पहुंचा बुलडोजर

आगे मुख्यमंत्री ने बताया कि मामला सामने आते ही सरकार ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। सबसे पहले एफआईआर दर्ज कराई गई और फिर अगले ही दिन बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी गई। उन्होंने कहा कि केवल जमीन को कब्जामुक्त कराना ही लक्ष्य नहीं था, बल्कि यह भी जांच की गई कि आखिर सरकारी रिकॉर्ड में माफिया के नाम जमीन दर्ज कैसे हुई। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की गई। सीएम योगी ने साफ शब्दों में कहा कि अब उत्तर प्रदेश में जमीन कब्जाने वालों, भू-माफियाओं और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है।

तीन दिवसीय डी-3 त्रिवेणी कार्यक्रम में क्या हुआ?

ऊपर आपने पढ़ा किस तरह से जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ त्रिवेणी कार्यक्रम में पहुंचे तो पूरा माहौल ही बदल गया, तो चलिए अब आपको बताते हैं शनिवार को शुरू हुए त्रिवेणी कार्यक्रम में क्या-क्या हुआ और किन-किन बड़े नेताओं ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। आपको बता दें कि तीन दिवसीय डी-3 त्रिवेणी सम्मेलन में केवल कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल पर भी विस्तृत चर्चा हुई। देशभर से आए 100 से अधिक डिजिटल क्रिएटर्स, नीति विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने यूपी के बदलते स्वरूप पर अपने विचार रखे।

ब्रह्मोस प्रोजेक्ट का जिक्र

कार्यक्रम में पूर्व ब्रह्मोस एयरोस्पेस सीईओ और वरिष्ठ वैज्ञानिक सुधीर के मिश्रा ने बताया कि लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए योगी सरकार ने सिर्फ दो दिन में जमीन उपलब्ध करा दी थी। उन्होंने कहा कि इसी तेज निर्णय क्षमता के कारण प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये का निवेश आया और उत्तर प्रदेश रक्षा उत्पादन का बड़ा केंद्र बनकर उभरा।

महिलाओं की बढ़ी भागीदारी

अपर मुख्य सचिव वीणा कुमारी मीना ने कहा कि योगी सरकार में महिलाओं को नेतृत्व के अधिक अवसर मिले हैं। उन्होंने बताया कि चीनी उद्योग समेत कई क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी कई गुना बढ़ी है। उनके अनुसार, बेहतर कानून व्यवस्था के कारण महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अब हर क्षेत्र में आगे आ रही हैं। कार्यक्रम में नागालैंड के लोकप्रिय नेता टेमजेन इम्ना अलॉन्ग की मौजूदगी भी आकर्षण का केंद्र रही। उन्होंने उत्तर प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों और प्रशासनिक सुधारों की सराहना की। सम्मेलन में ड्रोन तकनीक, डिजिटल गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और भविष्य की तकनीकों पर भी विशेष चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि आने वाले वर्षों में ड्रोन कृषि, सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में गेम चेंजर साबित होंगे।

‘नया उत्तर प्रदेश’ का संदेश

डी-3 त्रिवेणी के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के बदलते स्वरूप और विकास की नई दिशा का स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज का उत्तर प्रदेश केवल बेहतर कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के लिए ही नहीं, बल्कि निवेश, उद्योग, तकनीक, आधारभूत संरचना और सुशासन के मॉडल के रूप में पूरे देश में अपनी अलग पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब उत्तर प्रदेश को दंगों, अपराध और खराब कानून व्यवस्था के लिए जाना जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश ने अपनी छवि बदलने का काम किया है। आज देश और दुनिया के बड़े निवेशक उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिए आगे आ रहे हैं। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर, मेडिकल कॉलेज और औद्योगिक परियोजनाएं प्रदेश की नई पहचान बन चुकी हैं।

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