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पाकिस्तानी नागरिक से जुड़े फर्जी पासपोर्ट रैकेट में ईडी की चार्जशीट

अवैध प्रवासियों को भारतीय पहचान दिलाने का नेटवर्क बेनकाब, ईडी ने पाकिस्तानी नागरिक के साथ मिलकर फर्जी पासपोर्ट बनवाने के मामले में चार्जशीट दाखिल की
ईडी ने पाकिस्तानी नागरिक के साथ मिलकर फर्जी पासपोर्ट बनवाने के मामले में चार्जशीट दाखिल की

ED chargesheet: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने एक पाकिस्तानी नागरिक अजद मलिक उर्फ ​​अहमद हुसैन अजद उर्फ ​अजद हुसैन के मामले में इंदुभूषण हलदर उर्फ ​​दुलाल और चार अन्य के खिलाफ पीएमएलए कोर्ट के समक्ष एक अतिरिक्त आरोप पत्र दाखिल किया है। कोर्ट ने अभियुक्तों को नोटिस जारी किया है।

अवैध प्रवासियों को भारतीय पहचान दिलाने का नेटवर्क बेनकाब

जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा अजद मलिक के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने मामले की जांच शुरू की। जांच में पता चला है कि पाकिस्तान का नागरिक अजद हुसैन, मोना मलिक के बेटे अजद मलिक की फर्जी पहचान से भारत में रह रहा था।
वह इंदुभूषण हलदर के साथ मिलकर बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों के लिए पैसे के बदले धोखाधड़ी से भारतीय पहचान पत्र हासिल करने में शामिल पाया गया। इसके बाद अजद मलिक उर्फ ​​अहमद हुसैन अजद उर्फ ​​अजद हुसैन को 15 अप्रैल 2025 को और इंदुभूषण हलदर उर्फ ​​दुलाल को 13 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया।

ED chargesheet: छापेमारी में फर्जी दस्तावेज बरामद

दोनों आरोपी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। जांच के दौरान अजद मलिक से जुड़े कई परिसरों पर तलाशी ली गई, जिसके परिणामस्वरूप आपत्तिजनक दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए गए। जांच के दौरान पता चला कि अजद मलिक उर्फ ​​अहमद हुसैन अजद उर्फ ​​अजद हुसैन एक पाकिस्तानी नागरिक है जो भारत में फर्जी भारतीय पहचान के तहत रह रहा है। उसने अपने साथियों की मदद से जाली जानकारी का इस्तेमाल करके आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट जैसे कई भारतीय पहचान पत्र बनवाए थे।

ED chargesheet: पासपोर्ट फ्रॉड का दोहरा नेटवर्क

वह हवाला नेटवर्क भी चलाता था, जिसके जरिए वह भारत और बांग्लादेश के बीच अवैध रूप से पैसे भेजता था। वह नकद और यूपीआई के जरिए भुगतान इकट्ठा करता था और फिर बीकैश जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके उतनी ही रकम बांग्लादेश भेजता था। ईडी की जांच में पता चला कि अजद हुसैन ने इंदुभूषण हलदर उर्फ ​​दुलाल के माध्यम से अजद मलिक की फर्जी पहचान का इस्तेमाल करके अपना धोखाधड़ी से प्राप्त भारतीय पासपोर्ट नवीनीकृत कराया था।

फर्जी कागज़ों पर पासपोर्ट का खेल

अजद हुसैन जाली और मनगढ़ंत दस्तावेजों के आधार पर अपने साथी इंदुभूषण हलदर उर्फ ​​दुलाल की मदद से पासपोर्ट के लिए आवेदन करता था और जाली दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट जारी करवाता था। वे पासपोर्ट सहित सभी भारतीय पहचान दस्तावेजों को बनवाने के लिए लगभग 50,000 रुपए लेते थे, और अजद हुसैन और इंदुभूषण ने अपने ग्राहकों के लगभग 300-400 पासपोर्ट आवेदनों को आगे बढ़ाया था।

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