Election Commission SIR: चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाबी हलफनामा दाखिल किया है। आयोग ने कहा कि SIR से जुड़े सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों सहित आयोग के तीनों सदस्यों ने जवाबी हलफनामे को मंजूरी दी है। आयोग ने याचिकाओं को खारिज करने की मांग करते हुए SIR प्रक्रिया का बचाव किया।
Election Commission SIR: SIR से जुड़े सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए
चुनाव आयोग ने अपने जवाबी हलफनामे में स्पष्ट किया कि जून 2025, अक्टूबर 2025 और मई 2026 में SIR से संबंधित जारी किए गए तीनों आदेश सर्वसम्मति से लिए गए थे। आयोग के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों ने इन फैसलों पर सहमति जताई थी। आयोग ने यह भी कहा कि फाइल पर विचार के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त या अन्य चुनाव आयुक्तों की ओर से की गई टिप्पणियों, सवालों और सुझावों को आयोग का अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता।
Election Commission SIR: क्या है चुनाव आयोग में फैसले लेने की प्रक्रिया?
चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि किसी मामले से जुड़ी फाइल पहले एक चुनाव आयुक्त, फिर दूसरे चुनाव आयुक्त और उसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त के पास जाती है। जरूरी मामलों में इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भी मंजूरी ली जाती है, जिसे बाद में आधिकारिक रूप से फाइल पर दर्ज किया जाता है। आयोग ने कहा कि यदि कोई अधिकारी उसे सौंपे गए अधिकारों से आगे बढ़कर आदेश जारी करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
28 जुलाई के आदेश पर आयोग ने क्या कहा?
चुनाव आयोग के अनुसार, 28 जुलाई का कार्य आवंटन आदेश प्रतिनियुक्ति पर आए एक अतिरिक्त सचिव ने जारी किया था। इसके अगले दिन दोनों चुनाव आयुक्तों ने कैबिनेट सचिव को पत्र लिखा था। आयोग ने बताया कि 30 जुलाई को दोनों चुनाव आयुक्तों के संयुक्त निर्देश के बाद इस आदेश को लागू नहीं किया गया। आयोग ने इस घटनाक्रम के जरिए अपने प्रशासनिक फैसलों और अधिकारियों के अधिकारों से जुड़े पक्ष को स्पष्ट किया।
SIR प्रक्रिया पर चुनाव आयोग ने क्या दलील दी?
चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में SIR प्रक्रिया का बचाव करते हुए याचिकाकर्ताओं के आरोपों को खारिज किया। आयोग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण संवैधानिक और वैधानिक प्रावधानों के तहत कराया जा रहा है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में नाम शामिल करने की निर्धारित प्रक्रिया में कोई अवैध बदलाव नहीं किया गया है। इसके अलावा, आयोग ने फॉर्म-6 में बदलाव किए जाने के आरोपों से इनकार किया और ECI-NET में अनधिकृत बदलाव के आरोपों का भी विरोध किया।
चुनाव आयोग ने याचिकाएं खारिज करने की मांग की
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जवाबी हलफनामे में चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों पर अपना पक्ष रखा। आयोग ने सभी याचिकाओं को खारिज करने की मांग की है। आयोग का मुख्य तर्क है कि SIR की प्रक्रिया निर्धारित संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप है। साथ ही, आयोग ने फैसले लेने की प्रक्रिया और संबंधित आदेशों पर तीनों सदस्यों की सहमति का हवाला देते हुए अपने रुख का बचाव किया है।
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