Food PLI: केंद्र सरकार की फूड प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना ने देश के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में बड़ा असर दिखाया है। सरकार के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक 9,207 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित हुआ है और लगभग 3.29 लाख लोगों को रोजगार मिला है। यह योजना वित्त वर्ष 2021-22 से 2026-27 तक लागू है, जिसका कुल बजट 10,900 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। इसका उद्देश्य फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मजबूत करना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाना है।
निवेश और रोजगार में बड़ा इजाफा
सरकार के मुताबिक, पीएलआई योजना के तहत निवेश शुरुआती अनुमान से कहीं ज्यादा रहा है। 22 राज्यों में 7,722 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 9,207 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है। इस योजना के माध्यम से देशभर में 128 कंपनियों को मंजूरी दी गई है, जो 274 यूनिट्स संचालित कर रही हैं। इनमें 68 एमएसएमई कंपनियां और 40 कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स शामिल हैं, जिससे छोटे उद्योगों को भी मजबूती मिली है।
Food PLI: प्रोसेसिंग क्षमता और तकनीक में सुधार
इस योजना के तहत देश में करीब 34 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष की नई प्रोसेसिंग और स्टोरेज क्षमता जोड़ी गई है। इसके साथ ही विभिन्न राज्यों में फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स का आधुनिकीकरण हुआ है और तकनीकी सुधार देखने को मिला है। इससे खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता दोनों में वृद्धि हुई है।
बिक्री, निर्यात और मिलेट्स की बढ़ती मांग
सरकार ने बताया कि पीएलआई योजना के तहत उत्पादों की बिक्री में 10.58 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि निर्यात में 7.41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। खास तौर पर मिलेट (मोटे अनाज) से बने उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ी है। इनकी बिक्री वित्त वर्ष 2023 में 345.73 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025 में 1,845.25 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यह दर्शाता है कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सरकारी प्रोत्साहन से इस क्षेत्र में नई संभावनाएं बन रही हैं।








