Goa News: गोवा के अरपोरा इलाके में हुए भीषण नाइटक्लब अग्निकांड के मामले में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए गोवा पुलिस ने फरार चल रहे सौरभ और गौरव लूथरा को भारत वापस ला लिया है। थाईलैंड से दिल्ली पहुंचते ही दोनों आरोपियों को एयरपोर्ट पर ही हिरासत में ले लिया गया। उनकी वापसी को लेकर पहले से सुरक्षा और कानूनी इंतजाम किए गए थे।
Goa News: थाईलैंड से सीधी वापसी, फ्लाइट उतरते ही कार्रवाई
लूथरा भाइयों को 16 दिसंबर को इंडिगो की फ्लाइट से थाईलैंड से दिल्ली लाया गया। जैसे ही विमान दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा, गोवा पुलिस की टीम पहले से मौजूद थी। दोनों आरोपियों को तुरंत हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
Goa News: पहले मेडिकल, फिर कोर्ट में पेशी
सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लेने के बाद दोनों आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद उन्हें दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड के लिए पेश किया जाएगा, ताकि उन्हें आगे की जांच के लिए गोवा ले जाया जा सके।
11 दिसंबर को फुकेट में पकड़े गए थे लूथरा ब्रदर्स
गोवा पुलिस के अनुरोध पर थाईलैंड प्रशासन ने 11 दिसंबर को लूथरा भाइयों को फुकेट स्थित होटल इंडिगो से हिरासत में लिया था। अगले दिन यानी 12 दिसंबर को उन्हें बैंकॉक ले जाया गया, जहां से भारत प्रत्यर्पण की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की गई।इसी दौरान गोवा पुलिस की पहल पर दोनों के पासपोर्ट सस्पेंड कर दिए गए थे। साथ ही, रोहिणी कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
Goa News: आग लगते ही देश छोड़ने की तैयारी
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि नाइटक्लब में आग लगने के दौरान ही लूथरा भाइयों ने देश से भागने की तैयारी शुरू कर दी थी।पुलिस के अनुसार, 7 दिसंबर की रात 1:17 बजे उन्होंने एक ऑनलाइन ट्रैवल पोर्टल के जरिए फुकेट के टिकट बुक किए थे। हालात को भांपते हुए गोवा पुलिस ने 8 दिसंबर को दोनों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया था।
25 लोगों की गई थी जान, पूरे देश को हिला देने वाला हादसा
गौरतलब है कि 6 दिसंबर की आधी रात के बाद गोवा के अरपोरा स्थित नाइटक्लब ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ में भीषण आग लग गई थी।
इस दर्दनाक हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। घटना के बाद से ही नाइटक्लब प्रबंधन और मालिकों की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
Goa News: अब गोवा में होगी गहन पूछताछ
लूथरा भाइयों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि आग लगने के कारणों, सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही और जिम्मेदार लोगों की भूमिका पर कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
ये भी पढ़े: एक बार फिर धर्म देखकर मासूमों को मारा गया






