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झंडे पर कब्जे की जंग में बरसे पत्थर, पांढुर्णा के गोटमार मेले में 497 घायल, 4 खिलाड़ियों को गंभीर चोट

गोटमार मेले में पत्थरबाजी से मची अफरा-तफरी

Gotmar Mela: पांढुर्णा में गोटमार मेले के दौरान जाम नदी में पत्थरबाजी जारी है। पलाश के झंडे पर कब्जे को लेकर पांढुर्णा और सावरगांव के खिलाड़ी आमने-सामने हैं। दोनों पक्षों के बीच हो रही पत्थरबाजी में करीब 497 लोग घायल हो चुके हैं। इनमें कई लोगों के सिर पर चोट लगी है। चार खिलाड़ियों को गंभीर चोटें आई हैं।घायलों में सावरगांव निवासी 33 वर्षीय नितिन भादे का पैर टूट गया है। 48 वर्षीय प्रह्लाद साहू के कंधे की हड्डी टूट गई। पांढुर्णा निवासी 39 वर्षीय सचिन हाटेकर के पैर की हड्डी टूट गई है। वहीं, सावरगांव निवासी 30 वर्षीय संजय धारपुरे के सिर और पैर में गंभीर चोट आई है। सचिन हाटेकर और संजय धारपुरे को इलाज के लिए नागपुर रेफर किया गया है।

Gotmar Mela: इलाज के लिए 7 स्वास्थ्य केंद्र

घायलों की मदद के लिए मेला क्षेत्र में 7 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने यहां 44 डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई है। इसके अलावा 22 एंबुलेंस भी तैनात की गई हैं। घायलों को जरूरत के अनुसार मौके पर प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है और गंभीर स्थिति होने पर अस्पताल भेजा जा रहा है।सदियों पुरानी इस परंपरा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए 700 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। मेला क्षेत्र और आसपास के इलाकों पर 10 CCTV कैमरों और 3 ड्रोन की मदद से नजर रखी जा रही है। बताया गया है कि 1955 से 2025 के बीच गोटमार के दौरान हुई पत्थरबाजी में 13 लोगों की मौत हो चुकी है।

विधायक बोले- आस्था के साथ सावधानी भी जरूरी

पांढुर्णा विधायक निलेश उईके ने बताया कि वह पिछले 10 वर्षों से गोटमार खेल में शामिल होते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मेले से लोगों की आस्था और भावनाएं गहराई से जुड़ी हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से अपील की कि खेल के दौरान संयम बनाए रखें और इस बात का ध्यान रखें कि किसी को गंभीर चोट न लगे। विधायक ने कहा कि परंपरा और आस्था का सम्मान करते हुए सावधानी के साथ गोटमार खेलना चाहिए।

Gotmar Mela: गोटमार मेले में पत्थरबाजी से मची अफरा-तफरी
गोटमार मेले में पत्थरबाजी से मची अफरा-तफरी
Gotmar Mela: पत्थर लगने से मकान की शीट टूटी

लगातार हो रही पत्थरबाजी का असर मेला क्षेत्र के आसपास बने मकानों पर भी दिखाई दिया। पत्थर लगने से एक मकान की शीट टूट गई। इसके बावजूद जाम नदी में झंडे पर कब्जे के लिए दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी जारी रही।सावरगांव की तरफ से लगातार पत्थर फेंके जाने के बीच मेले में अफरा-तफरी की स्थिति दिखाई दी। कई लोग पत्थरों से बचने के लिए अपनी जान बचाकर भागते नजर आए। सामने आए वीडियो में सावरगांव की तरफ से पथराव होता दिखाई दे रहा है।

Gotmar Mela: पत्थरों से बचने के लिए भागे लोग

पत्थरबाजी के दौरान कई लोग सुरक्षित जगह की तरफ जाते दिखाई दिए। झंडे पर कब्जे के लिए पांढुर्णा और सावरगांव पक्ष के बीच लगातार पत्थर फेंके जा रहे हैं। इसी दौरान कई लोग पत्थरों की चपेट में आने से बचने के लिए मौके से भागते नजर आए।गोटमार में शामिल टीकाराम मानकर ने बताया कि वे 28 साल से यह खेल खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान कई बार उन्हें पत्थर लगे, लेकिन इसके बावजूद गोटमार खेलने का उनका उत्साह कम नहीं हुआ। उनका कहना है कि उन्हें गोटमार खेलना और पत्थर मारना अच्छा लगता है। उन्होंने यह भी बताया कि वे 25 साल से खेल रहे हैं और पिछले 4 साल से लगातार उन्हें पत्थर लग रहे हैं।

झंडे पर पहली बार कुल्हाड़ी से वार

गोटमार मेले में पांढुर्णा पक्ष के खिलाड़ियों ने पलाश के झंडे पर पहली बार कुल्हाड़ी से वार किया। सामने आए वीडियो में खिलाड़ी झंडे के पास पहुंचते और कुल्हाड़ी से पहला वार करते दिखाई दे रहे हैं।गोटमार मेले के दौरान पत्थरबाजी का ड्रोन वीडियो भी सामने आया है। इसमें जाम नदी के आसपास पांढुर्णा और सावरगांव पक्ष के खिलाड़ी आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं। झंडे पर कब्जे को लेकर दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे पर पत्थर फेंकते नजर आ रहे हैं। नदी के आसपास बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं और पत्थरबाजी के दौरान खिलाड़ी एक-दूसरे की तरफ पत्थर फेंक रहे हैं।

Gotmar Mela: सचिन और संजय नागपुर रेफर

पत्थर लगने से घायल पांढुर्णा निवासी सचिन हाटेकर को इलाज के लिए नागपुर रेफर किया गया है। उनके पैर की हड्डी टूट गई है। वहीं, सावरगांव निवासी संजय धारपुरे को भी इलाज के लिए नागपुर भेजा गया है। संजय के पैर की हड्डी टूट गई है और उनके सिर पर भी चोट आई है।गोटमार मेले में पत्थर लगने से घायल हुए लोगों में चार को गंभीर चोटें आई हैं। सावरगांव निवासी 33 वर्षीय नितिन भादे का पैर टूट गया। 48 वर्षीय प्रह्लाद साहू के कंधे की हड्डी टूट गई। पांढुर्णा निवासी 39 वर्षीय सचिन हाटेकर का पैर टूट गया। वहीं, सावरगांव निवासी 30 वर्षीय संजय धारपुरे के सिर और पैर में गंभीर चोट आई है।

घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया

गोटमार मेले में कई लोग घायल हुए हैं। इनमें कई लोगों के सिर पर चोट आई है, जबकि एक घायल के पैर की हड्डी टूट गई है। घायलों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया।पांढुर्णा पक्ष के सचिन हाटेकर भी पत्थर लगने से घायल हुए हैं। उनके पैर में गंभीर चोट आई और हड्डी टूट गई। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए मौके से अस्पताल ले जाते हुए देखा गया।

Gotmar Mela: घायल होने के बाद भी जारी रहा खेल

पत्थर लगने से घायल होने के बावजूद कई गोटमार खिलाड़ी पत्थरबाजी करते रहे। चोट लगने के बाद भी खिलाड़ियों ने मैदान नहीं छोड़ा। दोनों पक्षों के बीच लगातार पथराव होता रहा। वहीं, घायल लोगों का स्वास्थ्यकर्मी मौके पर ही उपचार करते रहे। दोपहर 12 बजे तक गोटमार मेले में 118 लोग घायल हो चुके थे।सावरगांव के लोग आक्रोश में पांढुर्णा की ओर लगातार पत्थर फेंकते नजर आए। पथराव के बीच पांढुर्णा के गोटमार खिलाड़ी पुलिया छोड़कर भागते दिखाई दिए। सामने आए वीडियो में दोनों पक्षों के बीच जारी पत्थरबाजी और मौके पर बना तनावपूर्ण माहौल नजर आया।

सुबह 11 बजे शुरू हुआ मेला

पांढुर्णा में शुक्रवार सुबह 11 बजे गोटमार मेला शुरू हुआ। जाम नदी में झंडा लगाए जाने के बाद पांढुर्णा और सावरगांव के गोटमार खिलाड़ी आमने-सामने आ गए। इसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। मेले को देखते हुए इलाके में सुरक्षा के भी इंतजाम किए गए हैं।गोटमार मेला शुरू होते ही जाम नदी में पत्थरबाजी शुरू हो गई। झंडे पर कब्जे के लिए पांढुर्णा और सावरगांव पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए। पत्थरबाजी शुरू होने के महज 15 मिनट के भीतर 28 लोग घायल हो गए।