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भारत की इकोनॉमी को डबल बूस्ट, GST कलेक्शन ₹2 लाख करोड़ के पार, मैन्युफैक्चरिंग PMI 7 महीने के हाई पर

GST Collection:
INDIA TV Hindi

GST Collection: भारतीय इकोनॉमी के लिए सितंबर 2026 में दो बड़े आंकड़े सामने आए हैं। एक तरफ देश का ग्रॉस GST कलेक्शन लगातार तीसरे महीने ₹2 लाख करोड़ के पार रहा, वहीं दूसरी तरफ मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की रफ्तार भी तेज हुई है। सितंबर में भारत का मैन्युफैक्चरिंग PMI बढ़कर 55.1 पर पहुंच गया, जो सात महीने का उच्चतम स्तर है। GST कलेक्शन में बढ़ोतरी और फैक्ट्रियों में बढ़ते ऑर्डर-प्रोडक्शन को आर्थिक गतिविधियों में मजबूती के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

GST Collection: सितंबर में GST कलेक्शन ₹2.03 लाख करोड़-

सितंबर 2026 में देश का ग्रॉस GST कलेक्शन सालाना आधार पर 14.7 फीसदी बढ़कर ₹2,03,521 करोड़ रुपये पहुंच गया। खास बात यह है कि GST कलेक्शन लगातार तीसरे महीने ₹2 लाख करोड़ के आंकड़े से ऊपर रहा है।

GST Collection: सितंबर में GST कलेक्शन का ब्रेकअप-

– CGST: ₹37,762 करोड़
– SGST: ₹45,363 करोड़
– IGST: ₹1,20,396 करोड़
– कुल ग्रॉस GST: ₹2,03,521 करोड़

छह महीने में ₹12.46 लाख करोड़ का कलेक्शन-

चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान कुल संचयी ग्रॉस GST कलेक्शन ₹12,46,278 करोड़ रहा। एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले इसमें 11.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इससे वित्त वर्ष की पहली छमाही में टैक्स कलेक्शन की मजबूत रफ्तार का संकेत मिलता है।

7 अक्टूबर को GST काउंसिल की बैठक-

GST काउंसिल की बैठक 7 अक्टूबर को होने वाली है। दिए गए इनपुट के मुताबिक, बैठक में दरों में बड़े बदलाव के बजाय प्रोसेस रिफॉर्म्स पर ज्यादा फोकस रहने की संभावना है। इनमें ई-इनवॉइसिंग और इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े नियमों जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं।

मैन्युफैक्चरिंग PMI 55.1 पर पहुंचा-

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से भी सितंबर में मजबूत संकेत मिले हैं। HSBC इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में भारत का मैन्युफैक्चरिंग PMI बढ़कर 55.1 हो गया। अगस्त में यह आंकड़ा 52.8 था। यानी एक महीने में PMI में 2.3 अंक की बढ़ोतरी हुई और यह सात महीने का सबसे ऊंचा स्तर रहा।

नए ऑर्डर और उत्पादन ने बढ़ाई रफ्तार-

सितंबर में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत नए ऑर्डर्स और बढ़ते उत्पादन से सहारा मिला। घरेलू मांग के साथ विदेशी मांग में भी तेजी देखने को मिली। ब्राजील, यूरोप, UAE और अमेरिका से नए निर्यात ऑर्डर्स में तेजी दर्ज की गई, जिससे कंपनियों की बिक्री और उत्पादन को बढ़ावा मिला।

मई के बाद सबसे तेज हायरिंग-

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार के मोर्चे पर भी सितंबर में सकारात्मक संकेत मिले। मई के बाद सितंबर में नई नियुक्तियां सबसे तेज गति से बढ़ीं। बढ़ती कारोबारी गतिविधियों का असर कंपनियों की हायरिंग पर भी दिखाई दिया। वहीं, भविष्य के उत्पादन को लेकर कंपनियों का कारोबारी भरोसा भी बढ़ा है। सितंबर में बिजनेस ऑप्टिमिज्म चार महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया।

GST और PMI से क्या संकेत-

सितंबर के दोनों आंकड़े अर्थव्यवस्था के अहम हिस्सों की तस्वीर दिखाते हैं। एक तरफ ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा का GST कलेक्शन आर्थिक गतिविधियों और टैक्स बेस की मजबूती का संकेत देता है। दूसरी तरफ 55.1 का मैन्युफैक्चरिंग PMI नए ऑर्डर, उत्पादन और रोजगार में तेजी को दर्शाता है। अगर आने वाले महीनों में यह रफ्तार बनी रहती है, तो घरेलू मांग, उत्पादन और रोजगार के मोर्चे पर भी इसका असर दिखाई दे सकता है।

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