GT vs CSK Pitch Report: आईपीएल 2026 का 66वां मुकाबला 21 मई, गुरुवार को गुजरात टाइटंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला जाएगा। यह मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होगा। मैच भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस शाम 7 बजे किया जाएगा। दोनों टीमें इस अहम मुकाबले के लिए पूरी तैयारी में जुटी हुई हैं।
लेकिन मैच में जीत और हार का बड़ा कारण पिच भी साबित हो सकती है। ऐसे में सभी की नजरें अहमदाबाद की पिच पर टिकी होंगी। आइए जानते हैं कि GT vs CSK मुकाबले में पिच बल्लेबाजों को मदद करेगी या गेंदबाजों को।
बल्लेबाजों और गेंदबाजों के लिए कैसी है पिच?
नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच को आमतौर पर संतुलित माना जाता है। यहां बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को मदद मिलती है। पिच पर गेंद अच्छी तरह बल्ले पर आती है, जिसकी वजह से इस मैदान पर अक्सर बड़े स्कोर देखने को मिलते हैं।
अहमदाबाद की यह पिच लाल और काली मिट्टी से बनी हुई है। इसी कारण यहां हाई स्कोरिंग मुकाबले ज्यादा होते हैं। हालांकि मैदान की बाउंड्री बड़ी होने की वजह से मिडिल ओवर्स में स्पिन गेंदबाज अहम भूमिका निभाते हैं और बल्लेबाजों को रन बनाने में परेशानी हो सकती है।

GT vs CSK Pitch Report: नरेंद्र मोदी स्टेडियम में IPL के आंकड़े
- कुल मैच: 50
- पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम की जीत: 25
- पहले गेंदबाजी करने वाली टीम की जीत: 25
- औसत स्कोर: 177.47
- सबसे बड़ा स्कोर: 243/5, पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस (25 मार्च 2025)
- सबसे छोटा स्कोर: 89, गुजरात टाइटंस बनाम दिल्ली कैपिटल्स (17 अप्रैल 2024)
- सबसे सफल रन चेज़: 204/3, गुजरात टाइटंस बनाम दिल्ली कैपिटल्स (19 अप्रैल 2025)
- प्रति विकेट औसत रन: 27.75
- प्रति ओवर औसत रन: 8.95
गुजरात टाइटंस को मिल सकता है घरेलू फायदा
नरेंद्र मोदी स्टेडियम गुजरात टाइटंस का होम ग्राउंड है। शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम अपने घरेलू मुकाबले इसी मैदान पर खेलती है। ऐसे में गुजरात के खिलाड़ी यहां की पिच और परिस्थितियों से अच्छी तरह परिचित हैं।
घरेलू मैदान होने का फायदा GT को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मिल सकता है। खिलाड़ियों को पता है कि किस परिस्थिति में किस तरह की रणनीति अपनानी है, जो टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

टॉस निभा सकता है अहम भूमिका
नरेंद्र मोदी स्टेडियम में अब तक खेले गए मुकाबलों के आंकड़े बताते हैं कि पहले बल्लेबाजी और पहले गेंदबाजी करने वाली टीमों ने बराबर 25-25 मैच जीते हैं।हालांकि शाम के मैचों में दूसरी पारी के दौरान ओस पड़ने की संभावना रहती है। ओस की वजह से गेंदबाजों को परेशानी होती है और बल्लेबाजी आसान हो जाती है। इसी कारण ज्यादातर कप्तान टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करना पसंद करते हैं।








