Interest rate: Reserve Bank of India द्वारा रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने का फैसला भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम आर्थिक सुधार की गति को बनाए रखने, क्रेडिट ग्रोथ को प्रोत्साहित करने और वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगा। मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यह निर्णय संतुलित और सतर्क नीति का उदाहरण है।
संतुलित नीति से बढ़ेगा भरोसा
Ajay Kumar Srivastava ने इस फैसले को ‘सेफ्टी-फर्स्ट’ दृष्टिकोण बताते हुए कहा कि इससे मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिरता को प्राथमिकता मिलती है। उन्होंने एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देने के लिए आरबीआई के प्रयासों की सराहना की। खासकर टीआरईडीएस प्लेटफॉर्म पर ड्यू डिलिजेंस की शर्त हटाना छोटे कारोबारियों के लिए राहत भरा कदम है, जिससे उन्हें लिक्विडिटी और वर्किंग कैपिटल तक आसान पहुंच मिलेगी।
Interest rate: कर्ज की मांग और बैंकिंग प्रणाली को लाभ
Vinod Francis के अनुसार, cमैनेजमेंट को भी मजबूती मिलेगी और समग्र बैंकिंग सिस्टम बेहतर स्थिति में रहेगा।
महंगाई और वैश्विक जोखिमों पर नजर
Srinivasan Vaidyanathan ने कहा कि यह फैसला विकास और महंगाई नियंत्रण के बीच संतुलन को दर्शाता है। वहीं, Tribhuvan Adhikari ने कहा कि स्थिर ब्याज दर से घर खरीदारों को राहत मिलेगी। CRISIL Limited की Dipti Deshpande ने बताया कि सरकारी कदमों से ऊर्जा लागत का असर नियंत्रित हुआ है।
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