Home » मध्य प्रदेश » ‘इस्लाम में इसकी इजाजत नहीं, एक बाप की औलाद हो तो…’ वंदे मातरम पर इंदौर निगम में घमासान, कांग्रेस पार्षद फौजिया और रुबीना ने गाने से किया इनकार

‘इस्लाम में इसकी इजाजत नहीं, एक बाप की औलाद हो तो…’ वंदे मातरम पर इंदौर निगम में घमासान, कांग्रेस पार्षद फौजिया और रुबीना ने गाने से किया इनकार

इंदौर नगर निगम की मीटिंग में ‘वंदे मातरम’ को लेकर बवाल

MP News: इंदौर नगर निगम की बजट बैठक के दौरान उस समय जोरदार हंगामा देखने को मिला, जब ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम द्वारा खड़े होने से इनकार किए जाने के बाद सदन में तीखी बहस, नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। दरअसल, बैठक की शुरुआत में ‘वंदे मातरम’ का गायन हो रहा था। इसी दौरान कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम ने खड़े होने से इनकार कर दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके धर्म में इसकी अनुमति नहीं है, इसलिए वह इस परंपरा का पालन नहीं कर सकतीं। उनके इस बयान के बाद सदन का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।

बीजेपी पार्षदों ने किया विरोध

फौजिया के इनकार के बाद बीजेपी पार्षदों ने कड़ा विरोध जताया। कई पार्षद अपनी सीटों से उठकर सभापति के आसन के पास पहुंच गए और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। ‘वंदे मातरम कहना होगा’ जैसे नारों से पूरा सदन गूंज उठा। कुछ देर के लिए स्थिति पूरी तरह अनियंत्रित नजर आई। बढ़ते हंगामे को देखते हुए सभापति ने हस्तक्षेप किया और व्यवस्था बनाए रखने के लिए फौजिया शेख अलीम को अस्थायी रूप से सदन से बाहर जाने के निर्देश दिए। हालांकि, इससे पहले फौजिया ने भी अपना पक्ष मजबूती से रखते हुए कहा कि उन्हें वह कानून दिखाया जाए, जिसमें ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य बताया गया हो। इसके बाद वह सदन से बाहर चली गईं।

फौजिया शेख अलीम सदन से बाहर जाते हुए
                                                            फौजिया शेख अलीम सदन से बाहर जाते हुए

MP News: इस पर कोई समझौता नहीं

जबकि सदन से बाहर आने के बाद फौजिया शेख अलीम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मेरा धर्म इसकी इजाजत नहीं देता। अगर कोई ऐसा संवैधानिक प्रावधान है, जिसमें इसे अनिवार्य किया गया हो, तो मुझे दिखाया जाए। लेकिन मुझे जबरदस्ती ‘वंदे मातरम’ गाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। आगे फौजिया ने कहा कि उनका धर्म इस्लाम उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं देता। वहीं रुबीना इकबाल खान ने कहा कि अगर एक बाप की औलाद हो तो बुलवाकर दिखाओ। उनके बयान से सदन संवेदनशील हो गया। वहीं इस पूरे विवाद पर नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे का बयान भी सामने आया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ गाना व्यक्तिगत इच्छा का विषय हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनकी पार्टी राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

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