Women India: भारत में महिलाएं अब आर्थिक क्षेत्र में तेजी से अपनी भागीदारी बढ़ा रही हैं और देश के क्रेडिट मार्केट को सक्रिय रूप से विस्तार दे रही हैं। NITI Aayog की सीईओ Nidhi Chhibber ने कहा कि महिलाएं अब केवल छोटे लोन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रिटेल और बिजनेस लेंडिंग में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। यह बदलाव देश की आर्थिक संरचना में गहराई और मजबूती का संकेत है।
औपचारिक क्रेडिट सिस्टम से बढ़ी भागीदारी
नीति आयोग की रिपोर्ट ‘कर्जदारों से निर्माता तक: महिलाएं और भारत का बदलता क्रेडिट बाजार’ के अनुसार, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और औपचारिक वित्तीय प्रणालियों के विस्तार ने महिलाओं को नए अवसर प्रदान किए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से बाजार अधिक व्यापक और प्रभावी बन रहा है, जिससे समग्र आर्थिक विकास को गति मिल रही है।
Women India: तेजी से बढ़ रहा महिला क्रेडिट पोर्टफोलियो
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में महिला कर्जदारों का कुल क्रेडिट पोर्टफोलियो 76 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, जो कुल सिस्टम क्रेडिट का 26 प्रतिशत है। वर्ष 2017 की तुलना में यह उल्लेखनीय वृद्धि है, जब यह आंकड़ा काफी कम था। इस दौरान महिलाओं का कुल क्रेडिट एक्सपोजर 4.8 गुना बढ़ा है, जबकि सक्रिय रूप से क्रेडिट का उपयोग करने वाली महिलाओं की संख्या में 9 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है।
उद्यमिता और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा
Anna Roy ने कहा कि महिलाओं द्वारा क्रेडिट के उपयोग में बढ़ती विविधता भारत की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का संकेत है। यह रिपोर्ट TransUnion CIBIL और MicroSave Consulting के सहयोग से तैयार की गई है, जिसमें ग्रामीण और शहरी महिला उद्यमियों के अनुभवों को शामिल किया गया है।
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