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अमेरिका-ईरान तनाव के बीच IRGC का बड़ा बयान, कहा- ‘दोबारा जंग की संभावना कम’

Iran crisis: मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। हाल ही में अमेरिका द्वारा ईरान पर की गई कार्रवाई के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी बढ़ गई है। हालांकि, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने फिलहाल अमेरिका के साथ बड़े युद्ध की संभावना को कम बताया है। IRGC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अमेरिका के साथ दोबारा युद्ध होने की आशंका फिलहाल ज्यादा नहीं है, लेकिन अगर किसी तरह का हमला हुआ तो ईरान पूरी ताकत से जवाब देने के लिए तैयार है।

IRGC अधिकारी ने अमेरिका को दी चेतावनी

ईरानी न्यूज एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, IRGC नेवी के डिप्टी पॉलिटिकल चीफ मोहम्मद अकबरजादेह ने कहा कि दुश्मन कमजोर पड़ चुका है और ईरान की सेना हर स्थिति के लिए तैयार बैठी है। उन्होंने कहा, “युद्ध की संभावना कम है क्योंकि दुश्मन कमजोर है। लेकिन हमारी सेना किसी भी हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।” अकबरजादेह ने यह भी कहा कि अगर हमला हुआ तो चाबहार से लेकर महशहर तक का इलाका हमलावरों के लिए “कब्रिस्तान” बन जाएगा।

Iran crisis: ईरान बोला- अब असली लड़ाई अर्थव्यवस्था की

इस बीच ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने देश के कारोबारियों और प्राइवेट सेक्टर से अर्थव्यवस्था मजबूत करने की अपील की है। तेहरान चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों से बातचीत में उन्होंने कहा कि आज की सबसे बड़ी लड़ाई सैन्य नहीं बल्कि आर्थिक मोर्चे पर लड़ी जा रही है। राष्ट्रपति ने कहा कि जितना मजबूत और सक्रिय प्राइवेट सेक्टर होगा, उतनी ही मजबूती से ईरान बाहरी दबावों और प्रतिबंधों का सामना कर पाएगा।

Iran crisis: अमेरिका और इजरायल पर लगाया बड़ा आरोप

मसूद पेजेशकियन ने दावा किया कि अमेरिका और इजरायल सैन्य मोर्चे पर अपने मकसद पूरे करने में सफल नहीं हो पाए हैं। अब उनका फोकस ईरान की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डालने पर है। उन्होंने कहा कि दुश्मन अब आर्थिक दबाव के जरिए ईरान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।

मध्य पूर्व में बढ़ सकती है बेचैनी

Iran crisis: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा रहा है। खासकर मध्य पूर्व में किसी भी बड़ी सैन्य कार्रवाई का असर तेल बाजार, वैश्विक व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है। फिलहाल दोनों देशों की ओर से सख्त बयानबाजी जारी है, लेकिन हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

 

 

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