Iran crisis: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी तनाव अब और खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। बीते 24 घंटे में अमेरिका को हुए भारी नुकसान के दावों के बाद, अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र और बिजली ढांचे को निशाना बनाया। इस हमले में एक सुरक्षाकर्मी की मौत की पुष्टि हुई है।
ईरान के दावे के बाद जवाबी हमला
बताया जा रहा है कि यह हमला ईरान के उस बड़े एक्शन के जवाब में किया गया, जिसमें उसने अमेरिकी फाइटर जेट, एयरक्राफ्ट कैरियर, अटैक हेलीकॉप्टर और MQ-9 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया था। ईरान का कहना है कि पिछले 24 घंटे में उसने अमेरिका को युद्ध का सबसे बड़ा नुकसान पहुंचाया है।
Iran crisis: बुशहर प्लांट पर चौथी बार हमला
बुशहर परमाणु संयंत्र पर यह अमेरिका और इजरायल का चौथा बड़ा हमला बताया जा रहा है। हमले के दौरान संयंत्र की परिधि बाड़ के पास धमाका हुआ, जिससे कुछ इमारतों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि ईरान की सरकारी एजेंसी IRNA के मुताबिक, प्लांट का संचालन अभी भी सामान्य रूप से जारी है।
IAEA ने जताई गंभीर चिंता
Iran crisis: International Atomic Energy Agency (IAEA) ने इस हमले पर कड़ा विरोध जताया है। एजेंसी ने साफ कहा कि किसी भी हाल में परमाणु संयंत्रों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि इससे बड़े स्तर पर खतरा पैदा हो सकता है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि यह संघर्ष अब सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संवेदनशील परमाणु ढांचे तक पहुंच चुका है, जो पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
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