Iran crisis: इजरायल और अमेरिका ने सोमवार को ईरान पर कई बड़े हमले किए, जिनमें 25 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों की ओर मिसाइलें दागीं, जिससे पूरे इलाके में तनाव और बढ़ गया है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा दी गई होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की समयसीमा भी खत्म होने के करीब है, लेकिन तेहरान पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहा।
ट्रंप की कड़ी चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को साफ चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों और अहम ढांचों को निशाना बनाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि मंगलवार ईरान के लिए “पावर प्लांट डे” और “ब्रिज डे” साबित हो सकता है, यानी बड़े पैमाने पर हमले किए जा सकते हैं।
Iran crisis: सीजफायर की कोशिशें जारी
जंग के बीच राहत की खबर यह है कि वॉशिंगटन, तेहरान और क्षेत्रीय मध्यस्थ 45 दिन के संभावित संघर्ष विराम पर चर्चा कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक नया सीजफायर प्रस्ताव भी सामने आया है, जिससे हालात को काबू में लाने की कोशिश की जा रही है।
Iran crisis: तेहरान में बड़े हमले
इजरायल की ओर से किए गए हमलों में तेहरान के कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया। Sharif University of Technology के पास भी धमाकों के बाद घना धुआं उठता देखा गया। इन हमलों में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के खुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी की भी मौत की खबर है।
ईरान का पलटवार
हमलों के जवाब में ईरान ने मिसाइलें दागकर उत्तरी इजरायल के Haifa शहर को निशाना बनाया। यहां एक रिहायशी इमारत पर हमले में 4 लोगों की मौत हो गई। वहीं खाड़ी देशों कुवैत, यूएई और सऊदी अरब ने भी अपनी हवाई सुरक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी है।
जंग में बढ़ता मौत का आंकड़ा
Iran crisis: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी इस संघर्ष में अब तक 1,900 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। Lebanon में इजरायल के जमीनी हमलों के कारण 1,400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है और 10 लाख से अधिक लोग बेघर हो चुके हैं। इसके अलावा इजरायल, खाड़ी देशों और अमेरिका के भी कई सैनिक और नागरिक इस जंग की चपेट में आए हैं।
ये भी पढ़े: IIT बाबा अभय सिंह ने की शादी, महाशिवरात्रि के दिन लिया सात फेरे








