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बहरीन और कुवैत की ओर ईरान ने दागीं मिसाइलें, लेबनान में इजरायली हमले में ब्रिगेडियर जनरल की मौत

बहरीन-कुवैत पर ईरान का मिसाइल हमला

Iran Missile Attack: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव ने एक बार फिर मध्य पूर्व को बड़े संकट में डाल दिया है। ईरान ने अमेरिका के सहयोगी देशों बहरीन और कुवैत की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिससे पूरे क्षेत्र में डर और तनाव का माहौल बन गया। माना जा रहा है कि यह हमला अमेरिका द्वारा ईरान के ठिकानों पर की गई एयरस्ट्राइक के जवाब में किया गया है।

अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान का जवाब

पिछले कुछ हफ्तों से दोनों देशों के बीच बातचीत और कूटनीतिक प्रयास जारी थे, लेकिन अब वे पूरी तरह विफल होते दिखाई दे रहे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, शुक्रवार को अमेरिकी सेना ने ईरान के चार खतरनाक अटैक ड्रोन मार गिराए थे और उसके तटीय रडार केंद्रों को भी नष्ट कर दिया था। इसी कार्रवाई के बाद ईरान ने जवाबी हमला किया।

बहरीन और कुवैत पर दागी गईं 7 मिसाइलें

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उनका निशाना क्षेत्र में मौजूद दुश्मन के सैन्य ठिकाने थे।अमेरिकी सेना के मुताबिक, ईरान ने बहरीन और कुवैत की दिशा में कुल 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इनमें से 6 मिसाइलों को अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया, जबकि एक मिसाइल अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही गिर गई।

Iran Missile Attack: बहरीन-कुवैत पर ईरान का मिसाइल हमला
बहरीन-कुवैत पर ईरान का मिसाइल हमला

Iran Missile Attack: खाड़ी देशों में बढ़ी चिंता

हमले के बाद बहरीन ने इसे सीधा आक्रमण करार दिया है। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय स्थित है, इसलिए यह हमला रणनीतिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वहीं कुवैत ने चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाई पूरे क्षेत्र को बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंचा सकती है। बहरीन की राजधानी मनामा और कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के आसपास शनिवार तड़के हवाई हमले के सायरन बजने लगे। स्थानीय लोगों ने कई तेज धमाकों की आवाजें भी सुनीं।

इजरायल-लेबनान सीमा पर भी बढ़ा तनाव

इसी बीच इजरायल और लेबनान के बीच भी हालात बिगड़ते नजर आए। इजरायली रक्षा बल (IDF) ने दक्षिणी लेबनान में एक वाहन पर हमला किया, जिसमें लेबनानी सैनिक सवार थे।

लेबनानी सेना के अनुसार, इस हमले में एक ब्रिगेडियर जनरल, एक कैप्टन और एक सैनिक की मौत हो गई। इजरायल का कहना है कि संबंधित वाहन संदिग्ध गतिविधियों में शामिल था और सेना की दिशा में बढ़ रहा था। साथ ही इलाके में गोलीबारी की भी सूचना मिली थी।हालांकि इजरायल का लेबनानी सरकार के साथ सीधा संघर्ष नहीं है, लेकिन वह ईरान समर्थित संगठन हिज्बुल्लाह को अपना प्रमुख दुश्मन मानता है।

शांति वार्ता लगभग ठप

करीब 100 दिन पहले अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों के बाद 8 अप्रैल को एक अस्थायी युद्धविराम लागू किया गया था। लेकिन मौजूदा घटनाओं के बाद यह समझौता लगभग खत्म होता दिखाई दे रहा है।ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है और वॉशिंगटन के रवैये को उकसाने वाला करार दिया है।

दूसरी ओर, अमेरिका में होने वाले मिड-टर्म चुनावों से पहले बढ़ता यह तनाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए भी राजनीतिक चुनौती बन सकता है। साथ ही इस संकट का असर वैश्विक बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है, जहां निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।

बातचीत के लिए ईरान की शर्त

तनाव कम करने और वार्ता को फिर से शुरू करने के लिए ईरान के सर्वोच्च नेता के सैन्य सलाहकार मोहसेन रजाई ने अमेरिका के सामने एक शर्त रखी है।उन्होंने कहा है कि यदि अमेरिका बातचीत को आगे बढ़ाना चाहता है, तो उसे ईरान की फ्रीज की गई 24 अरब डॉलर की राशि तुरंत जारी करनी होगी।

हालांकि अमेरिकी प्रशासन इस मांग से सहमत नहीं दिख रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन इन रोके गए ईरानी फंड्स का उपयोग बहरीन और कुवैत जैसे खाड़ी सहयोगी देशों को हुए नुकसान की भरपाई और पुनर्निर्माण कार्यों में करने की योजना बना रहा है।

मध्य पूर्व में बढ़ी अनिश्चितता

ईरान के मिसाइल हमलों, अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और इजरायल-लेबनान सीमा पर बढ़ते तनाव ने पूरे मध्य पूर्व को एक बार फिर बड़े क्षेत्रीय संघर्ष के खतरे के सामने ला खड़ा किया है। शांति वार्ता ठप पड़ चुकी है और दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इसको लेकर पूरी दुनिया की नजरें इस क्षेत्र पर टिकी हुई हैं।

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