Iran Strait of Hormuz: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री आवाजाही पर सख्ती बढ़ाते हुए नया नक्शा जारी किया है। इस्लामिक रेवोलुशनार्य गार्ड कोर द्वारा जारी इस नक्शे का उद्देश्य जहाजों को समुद्र में बिछी बारूदी सुरंगों से सुरक्षित निकालना बताया गया है।
नए निर्देशों के तहत जहाजों को ओमान की बजाय ईरान के तट के पास से गुजरने की सलाह दी गई है। साथ ही सभी जहाजों को पहले ईरानी अधिकारियों से संपर्क करना होगा और अपने माल की पूरी जानकारी देनी होगी, तभी उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति मिलेगी।
तेल जहाजों पर नजर और टैक्स की तैयारी
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान अब इस मार्ग से गुजरने वाले तेल जहाजों की निगरानी करेगा। साथ ही हर बैरल तेल पर 1 डॉलर शुल्क लेने की योजना बनाई जा रही है, जिसका भुगतान डिजिटल मुद्रा में लिया जा सकता है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सुरक्षा कारणों से उठाया जा रहा है, ताकि हथियारों की संभावित आवाजाही को रोका जा सके।
Iran Strait of Hormuz: युद्धविराम के बाद भी ठप आवाजाही
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा के बावजूद स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप है। पिछले 24 घंटों में केवल एक तेल टैंकर और पांच मालवाहक जहाज ही इस रास्ते से गुजर सके हैं, जबकि सामान्य स्थिति में यहां से रोज करीब 140 जहाज गुजरते थे।
Iran Strait of Hormuz: लेबनान में बड़े हमले, 250 से ज्यादा मौतें
इसी बीच इजराइल ने लेबनान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में 254 लोगों की मौत और 1100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हमले बेरूत, बेक्का घाटी और दक्षिण लेबनान के कई इलाकों में किए गए। इस्राई l डिफेंस फोर्सेज ने दावा किया है कि हमलों में हेज़बोल्लाह के 100 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया।
युद्धविराम पर बढ़ा विवाद
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि लेबनान इस युद्धविराम का हिस्सा नहीं है। वहीं, यूरोपीय संघ ने मांग की है कि युद्धविराम को लेबनान तक बढ़ाया जाए। दूसरी ओर ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम की शर्तें तोड़ने का आरोप लगाया है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
यह भी पढे़ : भारत-अमेरिका ट्रेड डील को रफ्तार, वाशिंगटन जाएगा भारतीय दल








