Iran US clash: संयुक्त राष्ट्र में सोमवार (27 अप्रैल) को ईरान और अमेरिका के अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई. तेहरान के परमाणु कार्यक्रम और परमाणु अप्रसार संधि (NPT) की समीक्षा करने वाले सम्मेलन के उपाध्यक्ष के रूप में ईरान के चयन को लेकर जमकर टकराव हुआ.
विवाद की वजह क्या रही?
विवाद उस समय बढ़ गया जब NPT समीक्षा सम्मेलन में ईरान को उपाध्यक्ष बनाए जाने पर अमेरिका ने कड़ा विरोध जताया। अमेरिका का कहना है कि ईरान ने अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं किया है।
Iran US clash: अमेरिका का आरोप
अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि ईरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु नियमों का पूरी तरह पालन नहीं कर रहा और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के साथ सहयोग में भी कमी है। इस नियुक्ति को उन्होंने “अनुचित” बताया।
ईरान का पलटवार
ईरान के प्रतिनिधियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह बयान राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं। उन्होंने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने वाला देश दूसरों पर सवाल नहीं उठा सकता।
Iran US clash: UN की अपील
ईरान ने अमेरिका द्वारा आर्थिक प्रतिबंध हटाने की शर्त पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने का प्रस्ताव रखा है, जिसे लेकर संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जाहिर की है. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बार-बार जोर दिया है कि हिंसक टकराव का कोई सैन्य समाधान नहीं है और बातचीत के जरिए ही समाधान निकाला जा सकता है. उन्होंने दोनों पक्षों से फिर से शांति वार्ता की अपील की है.
तनाव की पृष्ठभूमि
1980 के दशक से ईरान और अमेरिका के बीच सीधे कूटनीतिक संबंध नहीं हैं। दोनों देश अक्सर संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ही आमने-सामने होते हैं। ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बताता है, जबकि अमेरिका इसे हथियार विकास से जोड़कर देखता है।
Iran US clash: बढ़ती वैश्विक चिंता
इस टकराव ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर परमाणु सुरक्षा और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कुल मिलाकर, UN में हुई यह बहस दिखाती है कि ईरान-अमेरिका के बीच अविश्वास अभी भी गहरा है और समाधान के लिए कूटनीतिक प्रयास जरूरी हैं।
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