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होर्मुज में अभी और बिगड़ेंगे हालात! अमेरिका और ईरान का अड़ियल रुख, चीन की भी इंट्री

Iran-US conflict: होर्मुज में अभी और बिगड़ेंगे हालात! अमेरिका और ईरान का अडियल रुख, चीन की भी इंट्री
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Iran-US conflict: विश्व की तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण मार्ग होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ता तनाव दुनिया के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अमेरिका और ईरान के अडियल रुख से तो यही लगता है कि अभी हालात और बिगड़ने वाले हैं। इस बीच चीन के विदेश मंत्रालय ने भी कहा है कि होर्मुज के हालात नाजुक हैं। चीन ने होर्मुज से गुजर रहे भारतीय झंडे वाले जहाज पर फायरिंग को लेकर बयान दिया है। चीन के विदेश मंत्रालय ने उकसावे से बचने की अपील की है। नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने ये बात कही। इसके साथ ही चीन ने ईरानी झंडे वाले जहाज को रोकने और फिर उसे कब्जे में लेने की अमेरिकी कार्रवाई पर चिंता जताई है। चीन के अनुसार सभी पक्षों को जिम्मेदारी के साथ सीजफायर का पालन करना होगा।

होर्मुज की स्थिति बहुत नाजुक

ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, गुओ जियाकुन से भारतीय शिप पर हमले को लेकर पूछा गया कि ईरानी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय झंडे वाले एक जहाज पर फायरिंग की थी, जिससे नेविगेशनल सेफ्टी को लेकर चिंता बढ़ गई थी। चीन इस तनाव को कैसे देखता है और स्ट्रेट में अपने शिपिंग और एनर्जी हितों की सुरक्षा के लिए वह किन उपायों पर विचार कर रहा है?
इसके जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जियाकुन ने कहा कि होर्मुज की स्थिति बहुत नाजुक है, लेकिन चीन को उम्मीद है कि सभी पक्ष इसकी गंभीरता को समझेंगे। उन्होंने कहा, “मैंने होर्मुज स्ट्रेट के मुद्दे पर चीन का रुख पहले ही बता दिया है। हम यह दोहराना चाहेंगे कि होर्मुज स्ट्रेट एक इंटरनेशनल वॉटरवे है, और इसे नेविगेशन के लिए खुला रखना इस इलाके के देशों और इंटरनेशनल कम्युनिटी के हक में है।”
उनके अनुसार सब मिलकर काम करेंगे और चीन अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के साथ मिलकर कोशिशें जारी रखने को तैयार है। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि वे तनाव बढ़ाने से बचें और ऐसा माहौल बनाएं जिससे इस रास्ते पर सामान्य आवाजाही शुरू हो सके।

Iran-US conflict: अमेरिका और ईरान दोनों अड़े

खास बात यह है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर भारी अनिश्चितताएं हैं। सोचने वाली बात है कि इस्लामाबाद में मंगलवार को दूसरे दौर की बातचीत प्रस्तावित है,  लेकिन इस बातचीत से पहले ही ईरान ने वहां अपने प्रतिनिधियों को भेजने से साफ तौर पर इनकार कर दिया है। उसका मानना है कि जब तक ईरान पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी, तब तक पाकिस्तान में बातचीत के लिए कोई डेलिगेशन नहीं भेजा जाएगा।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने धमकी दी कि ईरान के पास आखिरी मौका है। अगर समझौता नहीं हुआ तो उसके इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े हमले किए जाएंगे। दोनों देशों के इस अड़ियल रुख से लगता नहीं कि होर्मुज में अभी हालात सुधरेंगे, बल्कि बिगड़ने के आसार ज्यादा लगते हैं।

 Iran-US conflict: भारत ने बढ़ाई सुरक्षा

गौरतलब है कि विश्व की तेल आपूर्ति के लिहाज से होर्मुज एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इस रास्ते में जरा सी रुकावट वैश्विक ऊर्जा स्थिति को प्रभावित कर देती है। अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के चलते दुनिया के तमाम देशों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा है। भारत भी इन देशों में शामिल है। होर्मुज स्ट्रेट में 2 भारतीय जहाजों पर गोलीबारी की घटना के बाद भारतीय नौसेना ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। फारस की खाड़ी के निकट भारतीय नौसेना के 7 जहाज तैनात किए गए हैं।
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