Patna Coaching War: बिहार की राजधानी पटना का चर्चित कोचिंग हब मुसल्लहपुर इन दिनों शिक्षा से ज्यादा विवादों को लेकर सुर्खियों में है। खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के बीच छिड़ा संघर्ष अब सिर्फ दो कोचिंग संस्थानों की प्रतिस्पर्धा नहीं रह गया, बल्कि यह प्रभाव, प्रतिष्ठा और बाजार पर वर्चस्व की लड़ाई बन चुका है। हालिया हिंसा, गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई के बाद यह विवाद राज्यभर में चर्चा का विषय बन गया है।
रिजल्ट की जंग से बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार विवाद की ताजा कड़ी बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा के परिणामों के बाद शुरू हुई। दोनों कोचिंग संस्थानों ने बड़ी संख्या में सफल अभ्यर्थियों का दावा किया। इसके बाद पोस्टर लगाने और हटाने को लेकर तनाव बढ़ा, जो धीरे-धीरे मारपीट और हिंसा तक पहुंच गया।
इससे पहले फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर परीक्षा के टॉपर अभिषेक पटेल को लेकर भी दोनों पक्ष आमने-सामने आ चुके थे। दोनों संस्थानों ने उन्हें अपना छात्र बताया था। बाद में सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला, जिसने विवाद को और गहरा कर दिया।
Patna Coaching War: किसान कोल्ड स्टोरेज बना संघर्ष का केंद्र
मुसल्लहपुर स्थित किसान कोल्ड स्टोरेज परिसर को पटना का प्रमुख कोचिंग हब माना जाता है। वर्षों से यहां कई बड़े और छोटे कोचिंग संस्थान संचालित होते रहे हैं। कोविड महामारी के बाद कई संस्थान बंद हो गए, जिसके बाद खान ग्लोबल स्टडीज ने अपने विस्तार के तहत परिसर के कई हिस्सों को किराए पर ले लिया।
ज्ञान बिंदु से जुड़े लोगों का आरोप है कि खान सर पूरे परिसर पर एकाधिकार स्थापित करना चाहते हैं। हालांकि परिसर के मालिक डॉ. आरबी प्रसाद ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल बेहतर शैक्षणिक माहौल और अच्छे परिणाम सुनिश्चित करना है।

Patna Coaching War: हॉस्टल राजनीति और छात्रों की भूमिका
स्थानीय लोगों के मुताबिक मुसल्लहपुर क्षेत्र में स्थित छात्रावासों का भी इस पूरे विवाद में प्रभाव रहा है। विभिन्न हॉस्टलों में रहने वाले छात्र अक्सर कोचिंग संस्थानों के समर्थन में खड़े दिखाई देते हैं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर छात्रों और हॉस्टल समूहों के जरिए दबाव बनाने और हमले करवाने जैसे आरोप लगाए हैं।
पुरानी है टकराव की कहानी
खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु के बीच विवाद कोई नया नहीं है। पिछले कई वर्षों में दोनों संस्थानों के स्टाफ और समर्थकों के बीच कई बार झड़पें हो चुकी हैं। तोड़फोड़, मारपीट और एफआईआर तक के मामले सामने आते रहे हैं। 2021 में खान सर ने रौशन आनंद और उनके सहयोगियों पर मारपीट का आरोप लगाया था। वहीं 2023 में ज्ञान बिंदु कोचिंग पर हुए हमले के लिए रौशन आनंद ने खान सर के समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया था।
ऑनलाइन और ऑफलाइन बाजार पर कब्जे की लड़ाई
शिक्षा जगत से जुड़े जानकारों का मानना है कि विवाद की सबसे बड़ी वजह कोचिंग बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा है। खान ग्लोबल स्टडीज ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखता है, जबकि ज्ञान बिंदु ऑफलाइन कोचिंग के क्षेत्र में बड़ी छात्र संख्या का दावा करता है। दोनों संस्थान अपने प्रभाव क्षेत्र को बढ़ाने की कोशिश में जुटे हैं। यही कारण है कि प्रतिस्पर्धा अब शैक्षणिक सीमाओं से निकलकर सार्वजनिक विवाद और कानूनी लड़ाई का रूप ले चुकी है।
जांच जारी, माहौल अब भी तनावपूर्ण
हालिया हिंसा के बाद पुलिस कार्रवाई तेज हुई है। ज्ञान बिंदु के संचालक रौशन आनंद जेल में हैं, जबकि खान सर पर भी कानूनी कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और कोचिंग हब में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पटना का यह ‘कोचिंग वॉर’ फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा। शिक्षा के केंद्र के रूप में पहचान रखने वाला मुसल्लहपुर अब प्रतिस्पर्धा, प्रतिष्ठा और प्रभाव की लड़ाई का नया मैदान बन गया है।








