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ट्रम्प का बड़ा दांव, जंग पर संसद मंजूरी टली, जानें क्यों युद्ध विरोधियों को बताया सबसे बड़ा खतरा

Iran US Israel War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ जारी सैन्य कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने का फैसला अभी टाल दिया है। नियम के अनुसार, युद्ध शुरू होने के 60 दिन पूरे होने के बाद 1 मई को इस प्रस्ताव को पेश किया जाना था, लेकिन फिलहाल इसे रोक दिया गया है।

रक्षा मंत्री का बयान: अभी मंजूरी जरूरी नहीं

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने संसद में कहा कि राष्ट्रपति को 60 दिन से ज्यादा समय तक युद्ध जारी रखने के लिए संसद की अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। उनका कहना है कि ईरान के साथ जो युद्धविराम हुआ है, उसके कारण 60 दिन की समय सीमा फिलहाल रुक गई है और इस स्थिति में कानून लागू नहीं माना जाएगा।

40 दिन चला संघर्ष, विरोधियों को बताया खतरा

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष 7 अप्रैल को रुक गया था। इस हिसाब से यह लड़ाई लगभग 40 दिन तक चली। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि इस समय सबसे बड़ा खतरा ईरान नहीं, बल्कि युद्ध का विरोध करने वाले लोग हैं। उन्होंने बताया कि इनमें कुछ डेमोक्रेट और कुछ रिपब्लिकन नेता भी शामिल हैं।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ

Iran US Israel War: 60 दिन वाला कानून कैसे बना

अमेरिका में 1973 में वियतनाम युद्ध के बाद एक कानून बनाया गया, जिसे वॉर पावर्स रिजोल्यूशन कहा जाता है। इस कानून के अनुसार राष्ट्रपति बिना संसद की मंजूरी के केवल 60 दिन तक ही सेना का इस्तेमाल कर सकते हैं।

इसके बाद राष्ट्रपति के पास तीन विकल्प होते हैं या तो सेना को वापस बुलाएं, या संसद से अनुमति लें, या फिर 30 दिन का अतिरिक्त समय मांगें। ट्रम्प ने 1 मार्च को ईरान पर कार्रवाई की जानकारी संसद को दी थी, इसलिए 60 दिन की समय सीमा 1 मई को पूरी हो रही है।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट

  • पहला, ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर अपनी तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि एक बड़ा तूफान आगे बढ़ रहा है और उसे कोई नहीं रोक पाएगा।
  • दूसरा, ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने कहा कि वे हमलावरों को समंदर में डुबो देंगे और फारस की खाड़ी में उनके लिए कोई जगह नहीं है।
  • तीसरा, कच्चे तेल की कीमत तेजी से बढ़कर लगभग 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो पिछले चार वर्षों में सबसे ज्यादा है। बाद में यह घटकर करीब 115 डॉलर प्रति बैरल हो गई।
  • चौथा, मुजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर अब तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है और वे सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं।
  • पांचवां, दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड 300 दिनों से ज्यादा की तैनाती के बाद अब अमेरिका लौट रहा है।

ईरान पर बड़े हमले की योजना तैयार

अमेरिका की सेंट्रल कमांड सेंट्रल कमांड के कमांडर ने राष्ट्रपति ट्रम्प को ईरान पर संभावित हमले के कई विकल्प बताए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, एडमिरल ब्रैड कूपर ने व्हाइट हाउस में बैठक के दौरान ये विकल्प पेश किए।

इनमें एक “छोटा लेकिन बेहद ताकतवर हमला” शामिल है, जिसमें ईरान की बची हुई सैन्य ताकत, उसके नेता और महत्वपूर्ण ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है।

आधुनिक हथियारों के इस्तेमाल पर विचार

अमेरिकी रक्षा विभाग नए और उन्नत हथियारों के इस्तेमाल पर भी विचार कर रहा है। इनमें ‘डार्क ईगल’ नाम की हाइपरसोनिक मिसाइल शामिल है, जो लगभग 3200 किलोमीटर दूर तक हमला कर सकती है और ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों को निशाना बना सकती है।इसके अलावा बी-1बी लांसर विमानों की तैनाती भी बढ़ाई जा रही है, जो भारी मात्रा में हथियार ले जाने में सक्षम हैं।

तेल कंपनियों के मुनाफे और नुकसान की हकीकत

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। रिपोर्ट्स के अनुसार, महंगे तेल के कारण देश की तेल कंपनियों को रोजाना लगभग 2400 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। पेट्रोल पर 14 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 18 रुपये प्रति लीटर का नुकसान बताया जा रहा है, जिससे कंपनियां कीमत बढ़ाने का दबाव बना रही हैं।

हालांकि सरकारी आंकड़े बताते हैं कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के पहले 9 महीनों में देश की चार बड़ी तेल कंपनियों ने कुल 1.37 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, यानी हर दिन करीब 116 करोड़ रुपये की कमाई हुई।

अमेरिकी स्पीकर माइक जॉनसन
अमेरिकी स्पीकर माइक जॉनसन

जर्मनी को लेकर ट्रम्प का तीखा बयान

ट्रम्प ने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की आलोचना करते हुए कहा कि वे बहुत खराब काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जर्मनी इस समय आव्रजन, ऊर्जा संकट और यूक्रेन से जुड़े मुद्दों जैसी कई समस्याओं का सामना कर रहा है।

अमेरिकी संसद के स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा कि अमेरिका फिलहाल ईरान के साथ युद्ध में नहीं है। उन्होंने बताया कि अभी कोई बमबारी या गोलीबारी नहीं हो रही है और सरकार शांति समझौता कराने की कोशिश कर रही है।

नौसेना की तैयारी फिर तेज

अमेरिका अपनी नौसेना के जहाजों को फिर से तैयार कर रहा है। इन जहाजों में ईंधन, भोजन, हथियार और जरूरी सामान भरा जा रहा है ताकि वे लंबे समय तक अभियान चला सकें। इसमें यूएसएस डेलबर्ट डी ब्लैक जैसे जहाज शामिल हैं।

यूरोपीय संसद की सदस्य मारी-एग्नेस स्ट्रैक-जिमरमैन ने कहा कि जर्मनी के लोगों का अमेरिका पर भरोसा पहले जैसा नहीं रहा है। उन्होंने बताया कि पहले जो बाइडेन, बराक ओबामा और बिल क्लिंटन के समय भरोसा ज्यादा था।

ट्रम्प ने जर्मनी को दी चेतावनी

ट्रम्प ने जर्मन चांसलर को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि वे ईरान के मामलों में दखल देना बंद करें और रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने पर ध्यान दें। उन्होंने यह भी कहा कि जर्मनी को अपनी आंतरिक समस्याओं, खासकर आव्रजन और ऊर्जा, पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि फरवरी में शुरू हुआ यह संघर्ष अब खत्म माना जा रहा है। 7 अप्रैल के बाद से दोनों देशों के बीच कोई गोलीबारी या हमला नहीं हुआ है। पहले 2 हफ्ते का युद्धविराम घोषित किया गया था, जिसे बाद में अनिश्चित समय के लिए बढ़ा दिया गया।

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प

लेबनान में इजराइल के हमले जारी

इस बीच इजराइल ने लेबनान में फिर से हमले किए। इन हमलों में एक महिला की मौत हो गई और एक बच्चे समेत तीन लोग घायल हुए। गुरुवार तक पूरे लेबनान में ऐसे हमलों में मरने वालों की संख्या 32 तक पहुंच गई।

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