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अमेरिका ने पाकिस्तान के आग्रह पर बढ़ाया युद्धविराम! ट्रम्प बोले-ईरान में मतभेद गहरे, फिलहाल हमले रोककर दिया जा रहा समय

ईरान-अमेरिका संघर्ष: सीजफायर बढ़ा
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Iran US War Ceasefire: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने पाकिस्तान की अपील पर ईरान के साथ चल रहे युद्धविराम (सीजफायर) को आगे बढ़ा दिया है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह कितने समय के लिए बढ़ाया गया है। ट्रम्प के मुताबिक, इस समय ईरान के नेतृत्व और सरकार में एकजुटता की कमी है। ऐसे में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने उनसे अनुरोध किया कि कुछ समय के लिए हमले रोक दिए जाएं, ताकि ईरान एक साझा प्रस्ताव तैयार कर सके।

ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने इस अपील को स्वीकार करते हुए अमेरिकी सेना को फिलहाल हमले रोकने का आदेश दिया है, लेकिन सेना को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही ईरान पर दबाव बनाए रखने के लिए नाकेबंदी जारी रहेगी। उन्होंने साफ किया कि यह सीजफायर तब तक जारी रहेगा, जब तक ईरान अपनी ओर से ठोस और एकजुट प्रस्ताव नहीं देता और बातचीत पूरी नहीं हो जाती, चाहे उसका परिणाम कुछ भी हो।

ईरान-अमेरिका संघर्ष: सीजफायर बढ़ा
ईरान-अमेरिका संघर्ष: सीजफायर बढ़ा

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट

पिछले 24 घंटों में कई अहम घटनाएं सामने आई हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि अगर शांति समझौता नहीं हुआ तो अमेरिकी सेना तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार है और उन्होंने यह भी कहा कि सीजफायर आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। दूसरी ओर, होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए ब्रिटेन और फ्रांस ने 30 देशों की बैठक बुलाने का फैसला किया है, जो लंदन में हो रही है।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पाकिस्तान यात्रा टाल दी गई, क्योंकि ईरान ने बातचीत के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल भेजने से इनकार कर दिया। वहीं, यमन के हूती विद्रोहियों ने चेतावनी दी है कि यह सीजफायर कमजोर है और आगे बड़ा संघर्ष हो सकता है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने भी होर्मुज की नाकेबंदी को अमेरिका की गलती बताया और कहा कि इससे ईरान का रुख बदल गया।

ईरान की सड़कों पर अमेरिका के खिलाफ विरोध दर्शाने वाले बैनर लगाए गए हैं।

ईरान-अमेरिका संघर्ष: सीजफायर बढ़ा
ईरान-अमेरिका संघर्ष: सीजफायर बढ़ा
ईरान-अमेरिका संघर्ष: सीजफायर बढ़ा
ईरान-अमेरिका संघर्ष: सीजफायर बढ़ा

ट्रम्प का दावा: ईरान आर्थिक संकट में

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान की आर्थिक स्थिति लगातार खराब हो रही है। उनके अनुसार, नाकेबंदी के कारण ईरान को रोज लगभग 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि सेना और पुलिस को समय पर वेतन नहीं मिल रहा और देश के अंदर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। ट्रम्प का यह भी कहना है कि इसी कारण ईरान होर्मुज स्ट्रेट को खोलना चाहता है।

Iran US War Ceasefire: IAEA की अपील

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी IAEA के प्रमुख राफेल ग्रोसी ने सीजफायर बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि युद्ध खत्म करना एक मुश्किल प्रक्रिया है और इसे आगे बढ़ाने का मौका दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी शांति समझौते में शुरुआत से ही IAEA को शामिल करना जरूरी है, ताकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम की निगरानी हो सके। उनके अनुसार, अगर ऐसा नहीं हुआ तो समझौता केवल औपचारिक बनकर रह जाएगा।

युद्ध से जुड़े अहम शब्द

इस संघर्ष में कुछ अहम शब्दों का इस्तेमाल हो रहा है। होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच स्थित एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद जरूरी है। “शाहेद” ईरान के सस्ते ड्रोन होते हैं, जो विस्फोटक लेकर लक्ष्य से टकराते हैं। “टॉमहॉक” अमेरिका की लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल है, जो हर मौसम में काम कर सकती है। “अयातुल्लाह” शिया इस्लाम में एक उच्च धार्मिक पद है, जो बड़े विद्वानों को दिया जाता है।

Iran US War Ceasefire: ईरानी कमांडर की चेतावनी

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक कमांडर ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी कि अगर उनके क्षेत्र का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए किया गया, तो मिडिल ईस्ट में तेल उत्पादन रुक सकता है। उन्होंने कहा कि ईरान अब सिर्फ सैन्य ठिकानों ही नहीं, बल्कि तेल ठिकानों और रिफाइनरियों को भी निशाना बना सकता है। हालांकि उन्होंने किसी खास देश का नाम नहीं लिया।

ईरान-अमेरिका संघर्ष: सीजफायर बढ़ा
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बातचीत में रुकावट की वजह

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत इसलिए टल गई क्योंकि ईरान की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। अमेरिका ने कुछ शर्तें रखी थीं, जिन पर सहमति जरूरी थी, लेकिन कई दिनों तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान के अंदर नेतृत्व स्तर पर मतभेद हैं, खासकर परमाणु मुद्दों पर।

अमेरिका ने इराक पर दबाव बढ़ाने के लिए डॉलर की आपूर्ति रोक दी है और कुछ सुरक्षा सहयोग कार्यक्रम भी रोक दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 500 मिलियन डॉलर लेकर जा रहे एक कार्गो विमान को भी रोक दिया गया, क्योंकि आशंका थी कि यह पैसा मिलिशिया समूहों तक पहुंच सकता है।

ईरान-अमेरिका संघर्ष: सीजफायर बढ़ा
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ईरानी सलाहकार की आलोचना

ईरानी संसद के स्पीकर के सलाहकार महदी मोहम्मदी ने सीजफायर बढ़ाने के फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह कदम बेकार है और हारने वाला पक्ष शर्तें तय नहीं कर सकता। उनके मुताबिक, नाकेबंदी भी बमबारी जैसी ही है और इसका जवाब सैन्य कार्रवाई से दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह अचानक हमले की तैयारी हो सकती है।

अमेरिका की नई पाबंदियां

अमेरिका ने ईरान, तुर्किये और यूएई में 14 लोगों, कंपनियों और विमानों पर प्रतिबंध लगाए हैं। इन पर आरोप है कि ये ईरान के लिए हथियार और उनके पुर्जों की सप्लाई में शामिल थे। इनकी संपत्तियां फ्रीज कर दी जाएंगी और जिन कंपनियों में इनकी 50 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी है, उन पर भी यह नियम लागू होगा।

अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा कि ईरान के खार्ग आइलैंड पर तेल भंडारण लगभग भर चुका है और वहां नया तेल रखने की जगह नहीं बची है। उन्होंने बताया कि नाकेबंदी के कारण ईरान तेल तो निकाल रहा है, लेकिन उसे बेच नहीं पा रहा, जिससे भंडारण बढ़ रहा है और तेल कुओं को बंद करने की नौबत आ सकती है।

अमेरिकी हथियारों पर असर

रिपोर्ट के अनुसार, इस युद्ध के चलते अमेरिका के मिसाइल भंडार पर असर पड़ा है। पैट्रियट मिसाइल का करीब 50 प्रतिशत, THAAD इंटरसेप्टर का आधे से ज्यादा और प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल का 45 प्रतिशत से ज्यादा स्टॉक इस्तेमाल हो चुका है।

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने कहा कि जब तक अमेरिका नाकेबंदी खत्म नहीं करता, तब तक अगली बातचीत नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि नाकेबंदी हटने के बाद इस्लामाबाद में बातचीत हो सकती है।

भारत, चीन और क्षेत्रीय स्थिति

भारत ने कहा है कि होर्मुज क्षेत्र में उसके सभी 14 जहाज सुरक्षित हैं और हाल में कोई हमला नहीं हुआ। एक भारतीय टैंकर सुरक्षित मुंबई पहुंच रहा है और नौसेना उसे सुरक्षा दे रही है। वहीं चीन ने साफ किया कि जब्त किए गए जहाज से उसका कोई संबंध नहीं है।

ईरान-अमेरिका संघर्ष: सीजफायर बढ़ा
ईरान-अमेरिका संघर्ष: सीजफायर बढ़ा

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर होर्मुज स्ट्रेट खोला गया तो ईरान के साथ समझौता करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान सिर्फ आर्थिक नुकसान से बचने के लिए ऐसा कर रहा है और अपनी छवि बचाने की कोशिश कर रहा है।

धार्मिक कार्यक्रम में भागीदारी

ट्रम्प ने हाल ही में एक धार्मिक कार्यक्रम में वर्चुअली हिस्सा लिया, जहां उन्होंने बाइबल का पाठ किया। यह कार्यक्रम वॉशिंगटन में आयोजित हुआ था, जिसमें कई प्रमुख लोग शामिल हुए। हालांकि अमेरिका का संविधान किसी एक धर्म को मान्यता नहीं देता, फिर भी इस तरह की गतिविधियों को लेकर चर्चा हो रही है।

ईरान-अमेरिका संघर्ष: सीजफायर बढ़ा
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ईरान की चुप्पी और पाकिस्तान का बयान

सीजफायर बढ़ाने पर ईरान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्रम्प का धन्यवाद किया और कहा कि पाकिस्तान बातचीत के जरिए समाधान चाहता है और उम्मीद है कि आगे स्थायी शांति समझौता हो सकेगा।

Iran US War Ceasefire ईरान-अमेरिका संघर्ष: सीजफायर बढ़ा
ईरान-अमेरिका संघर्ष: सीजफायर बढ़ा

कुल मिलाकर, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है। सीजफायर जरूर लागू है, लेकिन हालात अस्थिर हैं और भविष्य में स्थिति किस दिशा में जाएगी, यह पूरी तरह बातचीत और फैसलों पर निर्भर करेगा।

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