Jamshedpur: झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के अंतर्गत बहरागोड़ा के पानीपोड़ा-नागुड़साईं क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई, जब स्वर्णरेखा नदी के किनारे द्वितीय विश्व युद्ध के काल का एक विशालकाय जिंदा बम बरामद हुआ। पिछले एक महीने के भीतर इस इलाके में युद्धकालीन विस्फोटक मिलने की यह तीसरी घटना है।
लोगों में मची अफरा-तफरी
Jamshedpur: हो सकता है हादसा
ग्रामीणों की सूचना पर बहरागोड़ा थाना पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से ग्रामीणों के वहां जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि, यह बम दशकों पुराना है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार इसमें विस्फोट की क्षमता बरकरार हो सकती है, जो किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
Jamshedpur: पहले भी मिले बम
बार-बार विस्फोटक मिलने की घटनाओं से स्पष्ट है कि इस पूरे बेल्ट में जमीन के नीचे अब भी कई बम दबे हो सकते हैं। स्वर्णरेखा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से पूरे इलाके की आधुनिक उपकरणों से ‘स्कैनिंग’ कराने की मांग की है।
Jamshedpur: नदी किनारे जाना खतरनाक
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पूरे क्षेत्र की गहन जांच नहीं हो जाती, तब तक खेतों और नदी किनारे जाना जानलेवा बना रहेगा। स्थानीय जानकारों के मुताबिक, द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यह क्षेत्र सामरिक रूप से बेहद सक्रिय था, जिसके कारण उस दौर के कई बम यहां जमीन में दबे रह गए थे। फिलहाल, पुलिस ने उच्चाधिकारियों और सेना की बम निरोधक टीम को सूचित कर दिया है और विशेषज्ञों के पहुंचने तक इलाके की निगरानी जारी है।
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