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जंतर-मंतर प्रोटेस्ट 2.0 से ₹200 करोड़ का कारोबार प्रभावित? सुप्रीम कोर्ट पहुंचे व्यापारी, जानिए इस विशेष एक्सप्लेनर में

Jantar Mantar Protest 2.0:

Jantar Mantar Protest 2.0: इंडिया गठबंधन, कांग्रेस और CJP द्वारा जंतर-मंतर पर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के कारण कई दुकानदारों, व्यापारियों और फेरीवालों पर तगड़ा प्रभाव पड़ा है। व्यापारियों के मुताबिक, 10 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर प्रोटेस्ट 2.0 की वजह से कनॉट प्लेस का 200 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। कई व्यापारियों का इंडिया गठबंधन, CJP और कांग्रेस से यह सवाल है कि लोकतंत्र के नाम पर यह अराजकता क्यों फैलाई जा रही है?

क्या विरोध प्रदर्शन की आड़ में व्यापारियों की रोजी-रोटी और कारोबार को नुकसान पहुंचाना जायज है?

इस प्रकार के सवाल भारतीय व्यापारी संगठनों के व्यापारियों ने उठाए हैं। लोकतंत्र के नाम पर इन विरोध प्रदर्शनों से परेशान होकर कई व्यापारियों ने दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके अपनी तीन मांगें अदालत के सामने रखी हैं। वहीं, भारतीय उद्योग व्यापार मंडल संगठन ने लगातार विरोध प्रदर्शन करने के विरोध में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को चिट्ठी लिखी है।

Jantar Mantar Protest 2.0: सुप्रीम कोर्ट में व्यापारियों की याचिका-

जंतर-मंतर प्रोटेस्ट 2.0 ने कई व्यापारियों की शांति भंग कर दी है। इतना ही नहीं, इस विरोध प्रदर्शन ने कई व्यापारियों के कारोबार और दुकानदारों के धंधे-पानी को प्रभावित कर दिया है। इस विरोध प्रदर्शन से तंग आकर व्यापारियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। दायर की गई याचिका के अनुसार, व्यापारियों ने सुप्रीम कोर्ट के सामने तीन अहम मांगें रखी हैं।

पहली मांग: अब से लेकर जनवरी 2027 तक विरोध प्रदर्शन के कारण कारोबार प्रभावित नहीं होना चाहिए। व्यापारियों के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में चल रहा है, जब भारत में एक के बाद एक त्योहारों की झड़ी लगी है।

दूसरी मांग: व्यापारियों का कहना है कि विरोध प्रदर्शन शहर से दूर किसी ऐसे स्थल पर होना चाहिए, जिससे शहर, शहरी लोगों और कारोबार पर इसका असर नहीं पड़े।

तीसरी मांग: दायर की गई याचिका के अनुसार, व्यापारियों का कहना है कि विरोध प्रदर्शन के लिए अलग से मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बनाई जाए, ताकि विरोध भी हो सके और सार्वजनिक परिवहन भी बंद न हो।

Jantar Mantar Protest 2.0: जस्टिस सूर्यकांत- “हम अपने अधिकारों के तहत कार्रवाई करेंगे”-

Jantar Mantar Protest 2.0:

जंतर-मंतर प्रोटेस्ट 2.0 से परेशान व्यापारियों के हित में जस्टिस सूर्यकांत ने अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने व्यापारियों के हित में कहा है कि वह अपने अधिकारों के तहत कार्रवाई करेंगे। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “हम अपने अधिकारों के तहत कार्रवाई करेंगे। अगर स्थिति और बिगड़ी, तो एक्शन मोड में काम किया जाएगा।”

जस्टिस जॉयमाल्या बागची- “यह प्रदर्शनकारियों और व्यापारियों के बीच की लड़ाई है”-

Jantar Mantar Protest 2.0:

जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने भी व्यापारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच चल रहे संघर्ष पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कोई प्रदर्शन करना चाहता है, तो कोई मूंगफली बेचना चाहता है। दोनों बातें आपस में जुड़ी हुई हैं।

आगे जॉयमाल्या बागची ने कहा कि चल रहे प्रदर्शनों के कारण आम व्यक्ति, व्यापारियों और फेरीवालों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा है। यह प्रदर्शनकारियों के “Right to Protest” और व्यापारियों के “Right to Work” के बीच की लड़ाई है।

दिल्ली का खान मार्केट पड़ा सुनसान-

Jantar Mantar Protest 2.0:

दिल्ली की जान कहे जाने वाला खान मार्केट आज पूरी तरह से सुनसान पड़ा है। खान मार्केट में आमतौर पर इतनी चहल-पहल रहती है कि कई बार खड़े होने की जगह भी नहीं मिलती। आज खान मार्केट की यह हालत और इसकी सुनसान तस्वीरें यह बताती हैं कि 10 अक्टूबर 2026 को शुरू हुए इस प्रदर्शन के बाद दिल्ली के कई इलाकों में कारोबार प्रभावित होने की बात सामने आई है। इन प्रदर्शनों से परेशान “भारतीय उद्योग व्यापार मंडल संगठन” ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को चिट्ठी लिखी है।

जंतर-मंतर प्रोटेस्ट 2.0 क्या है और क्यों हो रहा है-

जंतर-मंतर प्रोटेस्ट 2.0, कॉकroach जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन है। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाया गया था। CJP ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में अनियमितताएं हुई हैं। प्रदर्शनकारियों ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अक्टूबर की शुरुआत में घोषणा की थी कि यदि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसी घोषणा के बाद जंतर-मंतर प्रोटेस्ट 2.0 आयोजित किया गया।

इस प्रदर्शन में CJP के साथ कई विपक्षी दलों और अन्य संगठनों के लोगों ने भी समर्थन दिया। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई और कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। इस विरोध प्रदर्शन के केंद्र में मतदाता सूची के पुनरीक्षण, चुनावी प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका से जुड़े सवाल हैं।

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