JP Nadda: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा 4 से 6 अगस्त तक पूर्वोत्तर भारत के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह असम, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के बाढ़ एवं भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्वास्थ्य सेवाओं, राहत कार्यों और चिकित्सा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।
चराइदेव में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का करेंगे निरीक्षण
दौरे के पहले दिन जेपी नड्डा नई दिल्ली से असम के डिब्रूगढ़ पहुंचेंगे। 5 अगस्त को वह बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित चराइदेव जिले का दौरा करेंगे। यहां वह राहत शिविरों, स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रभावित लोगों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सेवाओं का जायजा लेंगे। इसके बाद वह नागालैंड के मोन जिले में विभिन्न आधिकारिक कार्यक्रमों और बैठकों में हिस्सा लेंगे।
JP Nadda: डिब्रूगढ़ में होगी समीक्षा बैठक
नागालैंड दौरे के बाद जेपी नड्डा डिब्रूगढ़ लौटकर असम सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, चिकित्सा ढांचे की बहाली, राहत शिविरों की व्यवस्था, आवश्यक दवाओं की आपूर्ति और संक्रामक बीमारियों की रोकथाम पर विस्तार से चर्चा होगी।
अरुणाचल प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था का लेंगे जायजा
6 अगस्त को केंद्रीय मंत्री अरुणाचल प्रदेश के केयी पैन्योर जिले के याज़ाली पहुंचेंगे। वहां वह स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का निरीक्षण करेंगे, स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे तथा आपदा के बाद चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा करेंगे।
JP Nadda: स्वास्थ्य चुनौतियों का होगा आकलन
अधिकारियों के अनुसार, यह दौरा बाढ़ और भूस्खलन के बाद उत्पन्न स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के आकलन पर केंद्रित रहेगा। नड्डा जलजनित और वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम, मेडिकल राहत कार्यों, बीमारी निगरानी प्रणाली, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता की समीक्षा करेंगे।
केंद्र सरकार का मानना है कि इस दौरे से प्रभावित राज्यों के साथ समन्वय मजबूत होगा और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ भविष्य में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को भी मजबूती मिलेगी.
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