Jpsc: झारखंड में JPSC और JSSC CGL परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों के आंदोलन को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मंगलवार को प्रशासन पर आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ सदर अंचलाधिकारी सह दंडाधिकारी के कार्यालय पहुंचे मरांडी ने पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
छात्रों पर कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि छात्रों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत शांतिपूर्ण तरीके से पुतला दहन किया था। उनका आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने कार्यक्रम में व्यवधान पैदा किया और छात्राओं के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया। मरांडी ने सवाल उठाया कि यदि घटना के दौरान छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई, तो उन लोगों पर प्राथमिकी क्यों नहीं दर्ज की गई, जिन पर हंगामा और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप है।
Jpsc: वीडियो और सबूतों का दिया हवाला
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि घटना से जुड़े कई वीडियो और अन्य साक्ष्य सोशल मीडिया पर मौजूद हैं। उनके मुताबिक इन वीडियो के आधार पर यह स्पष्ट किया जा सकता है कि कार्यक्रम के दौरान हंगामा किसने किया था। उन्होंने दंडाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच करने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की। मरांडी ने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और किसी भी पक्ष के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
अधिकारियों को दी निष्पक्ष कार्रवाई की नसीहत
बाबूलाल मरांडी ने प्रशासनिक अधिकारियों को सरकार की कठपुतली बनकर काम नहीं करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को सरकार या किसी राजनीतिक दल के दबाव में नहीं, बल्कि कानून के अनुसार अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। मरांडी ने आरोप लगाया कि इस मामले में दंडाधिकारी ने एकतरफा कार्रवाई की है और ऐसा प्रतीत होता है कि वे सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं।
Jpsc: FIR नहीं हुई तो धरने की चेतावनी
मरांडी ने आरोप लगाया कि घटना के दिन JMM से जुड़े लोगों ने कथित तौर पर छात्रों के कार्यक्रम में हंगामा किया, लेकिन मुकदमा छात्रों पर दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज करने और पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई तो भाजपा कार्यकर्ता दंडाधिकारी के कार्यालय के सामने धरना देंगे। इस दौरान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, विधायक सीपी सिंह, योगेंद्र प्रताप सिंह, वरुण साहू समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।








