Karnataka MLC Election: कर्नाटक विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में क्रॉस वोटिंग को लेकर चर्चा तेज हो गई है। चुनाव परिणाम सामने आते ही BJP नेतृत्व सक्रिय हो गया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कर्नाटक BJP अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र समेत कई वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली बुलाया है। माना जा रहा है कि बैठक में चुनाव के दौरान हुई संभावित क्रॉस वोटिंग और उसके राजनीतिक असर की समीक्षा की जाएगी।
कांग्रेस का शानदार प्रदर्शन, 7 में से 5 सीटों पर कब्जा
शुक्रवार को घोषित नतीजों में कांग्रेस ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 7 में से 5 सीटों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस की ओर से बीके हरिप्रसाद, पीवी मोहन, शिवन्ना बीएस, थिप्पन्नप्पा कामकनूर और विनय कार्तिक विजयी रहे। वहीं BJP के लिंगराज पाटिल और रघु आर ने जीत हासिल की। दूसरी ओर, JDS उम्मीदवार गोविंदराजू को हार का सामना करना पड़ा।
Karnataka MLC Election: 8 उम्मीदवारों ने मुकाबले को बनाया दिलचस्प
इस चुनाव में 7 सीटों के लिए कुल 8 उम्मीदवार मैदान में थे, इसलिए मतदान कराना पड़ा। राजनीतिक जानकारों के अनुसार कांग्रेस के चार और BJP के दो उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही थी। सबसे रोचक मुकाबला कांग्रेस के पांचवें उम्मीदवार विनय कार्तिक और JDS प्रत्याशी गोविंदराजू के बीच था। आखिर में विनय कार्तिक को दूसरे वरीयता (प्रेफरेंस) वोटों का फायदा मिला और उन्होंने जीत दर्ज कर ली।
Karnataka MLC Election: क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए कांग्रेस ने बनाई थी खास रणनीति
क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए कांग्रेस ने अपने सभी 135 विधायकों को एक रिसॉर्ट में ठहराया था। इतना ही नहीं, मतदान से एक दिन पहले पार्टी ने मॉक पोलिंग भी कराई थी। इस मॉक वोटिंग में उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार भी शामिल हुए थे। इसका उद्देश्य खासतौर पर पहली बार चुने गए करीब 40 विधायकों को वरीयता आधारित मतदान प्रक्रिया समझाना था, ताकि मतदान के दौरान कोई तकनीकी गलती न हो।
अब BJP करेगी समीक्षा
Karnataka MLC Election: MLC चुनाव में एक उम्मीदवार की जीत के लिए 28 विधायकों के समर्थन की जरूरत थी। कांग्रेस को आशंका थी कि JDS उसके कुछ विधायकों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकती है, इसलिए उसने मतदान तक अपने विधायकों को एकजुट रखा। अब नतीजों के बाद BJP के भीतर संभावित क्रॉस वोटिंग को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। दिल्ली में होने वाली बैठक में पार्टी नेतृत्व चुनावी रणनीति, विधायकों के मतदान पैटर्न और भविष्य की राजनीतिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा कर सकता है।
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