Katni Land Scam: मध्यप्रदेश के कटनी में नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनके खिलाफ धोखाधड़ी, पद के दुरुपयोग और आपराधिक सांठगांठ के आरोप में FIR दर्ज की गई है। भोपाल सतर्कता शाखा की शिकायत पर जबलपुर जोन के निर्देश के बाद कुठला थाने में यह मामला दर्ज हुआ। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद पुलिस ने FIR की कार्रवाई की।
82.86 लाख की जमीन 18.20 लाख में रजिस्टर्ड
पूरा मामला कुठला थाना क्षेत्र के खसरा नंबर 2618/1 की जमीन से जुड़ा है। सरकारी गाइडलाइन के अनुसार इस जमीन की कीमत 82 लाख 86 हजार रुपये से ज्यादा थी। आरोप है कि पुलिसिया दबाव बनाकर जमीन की रजिस्ट्री केवल 18.20 लाख रुपये में कराई गई।रजिस्ट्री में 15 लाख रुपये चेक से और 3.20 लाख रुपये नकद दिए जाने की बात दर्ज है। यह जमीन हत्या के मामले में नामजद आरोपी रमेश लोधी की कंहवारा स्थित जमीन बताई जा रही है। आरोप है कि दबाव बनाकर जमीन को कम कीमत में दूसरे व्यक्ति के नाम करा दिया गया।
रजिस्ट्री के दिन खाते में आए 15 लाख
जबलपुर की ASP अनु बेनीवाल की जांच में जमीन सौदे को लेकर कई अहम बातें सामने आईं। दस्तावेजों में खरीदार बनाए गए मारूफ अहमद हनफी के बैंक खाते में पहले पर्याप्त रकम मौजूद नहीं थी।जांच के अनुसार 15 अप्रैल 2026 को जमीन की रजिस्ट्री वाले दिन उसके खाते में दो अलग-अलग खातों से कुल 15 लाख रुपये ट्रांसफर हुए। इसमें ‘शाइन पार्टनर्स’ से 10 लाख रुपये और क्षितिज राज बारापात्रे के खाते से 5 लाख रुपये भेजे गए।
दो खातों में एक ही PAN नंबर
जांच के दौरान दोनों खातों में एक ही PAN नंबर दर्ज होने की बात भी सामने आई। पुलिस ने इसे संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और कथित सांठगांठ से जोड़कर देखा है।जांच में यह भी सामने आया कि CSP के करीबी बताए जा रहे क्षितिज राज बारापात्रे के खातों से जमीन की रकम की फंडिंग की गई थी। पुलिस के अनुसार मारूफ अहमद हनफी को इस सौदे में फ्रंटमैन के तौर पर इस्तेमाल किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।CSP नेहा पच्चीसिया पर ट्रांसफर के नाम पर अवैध वसूली के आरोप भी लग चुके हैं। इन आरोपों के बाद कटनी SP ने उनसे तीन थानों का प्रभार वापस ले लिया था।अब जमीन सौदे से जुड़े मामले में भी उनके खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद जांच तेज हो गई है।
हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत
FIR के खिलाफ CSP नेहा पच्चीसिया ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया था। उन्होंने FIR को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी।इसके बाद भोपाल सतर्कता शाखा की शिकायत के आधार पर कुठला थाने में FIR दर्ज की गई। पुलिस ने मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।
CM मोहन यादव ने किया सस्पेंड
मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कटनी CSP नेहा पच्चीसिया को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही पुलिस मुख्यालय (PHQ) के निर्देश पर कटनी स्थित CSP कार्यालय को भी सीज कर दिया गया है।मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से इसकी जानकारी साझा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन से जुड़े मामलों में लापरवाही, दबाव बनाना या पद का गलत इस्तेमाल किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
कटनी में सामने आए गंभीर प्रकरण को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव को संबंधित CSP के विरुद्ध तत्काल निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, दबाव या पद के…
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) August 21, 2026
रिकॉर्ड और डिजिटल सबूत सुरक्षित रखने के लिए ऑफिस सीज
CSP के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद PHQ भोपाल के निर्देश पर उनका कार्यालय सील किया गया। पुलिस के अनुसार इसका मुख्य उद्देश्य कंहवारा जमीन सौदे से संबंधित केस डायरी, कार्यालय के दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखना है।पुलिस का कहना है कि रिकॉर्ड सुरक्षित रहने से जांच में किसी तरह की बाधा या छेड़छाड़ की संभावना कम होगी। निलंबन के साथ ही गृह विभाग ने विभागीय जांच और SIT जांच की प्रक्रिया भी तेज कर दी है।
CSP समेत तीन लोगों पर FIR
कुठला थाने में CSP नेहा पच्चीसिया के अलावा क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी को भी आरोपी बनाया गया है। तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61, 198, 199(b), 308(7) और 318(4) के तहत केस दर्ज किया गया है।अब पुलिस जमीन की रजिस्ट्री, उससे जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों में हुए पैसों के लेन-देन और इस पूरे सौदे में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद सबूतों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।








