Kedarnath Yatra 2026: बाबा केदारनाथ धाम में इस बार श्रद्धालुओं की आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा है कि पिछले सभी रिकॉर्ड टूट गए हैं। चारधाम यात्रा शुरू होने के महज 39 दिनों के भीतर 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं। प्रशासन की बेहतर व्यवस्थाओं और सुगम यात्रा प्रबंधन का असर भी साफ दिखाई दे रहा है। यात्रा कंट्रोल रूम रुद्रप्रयाग के अनुसार, 29 मई शाम 5 बजे से 30 मई शाम 5 बजे तक 24,066 श्रद्धालुओं ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए। इनमें 12,856 पुरुष, 11,088 महिलाएं और 122 बच्चे शामिल रहे। इसके साथ ही इस वर्ष केदारनाथ धाम में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या 10,00,497 तक पहुंच गई है।
आस्था के आगे मौसम भी नहीं बना बाधा
केदारनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को कठिन चढ़ाई और बदलते मौसम का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद देशभर से बड़ी संख्या में भक्त बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या यह साबित करती है कि भगवान शिव के प्रति लोगों की आस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है।
Kedarnath Yatra 2026: प्रशासन रख रहा हर व्यवस्था पर नजर
चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। यात्रा मार्ग, स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
Kedarnath Yatra 2026: बद्रीनाथ धाम में भी उमड़ रही भारी भीड़
उधर, बद्रीनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलने के बाद से अब तक लगभग 17 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में दोनों धामों में प्रतिदिन करीब 30 हजार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यात्रा अपने चरम पर है, जिसके चलते मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र पूरी तरह श्रद्धालुओं से भरे हुए हैं। पुलिस और प्रशासन मिलकर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में जुटे हैं।
आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बना उत्तराखंड
Kedarnath Yatra 2026: चारधाम यात्रा के दौरान उत्तराखंड एक बार फिर देश-दुनिया के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में उमड़ रही रिकॉर्ड भीड़ यह दिखाती है कि देवभूमि के प्रति लोगों का विश्वास और श्रद्धा लगातार बढ़ रही है।
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