Breaking News
Home » उत्तर प्रदेश » लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी में अवैध ‘ट्रैक्टर मंडी’ का बोलबाला, परिवहन नियमों की उड़ रही धज्जियां

लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी में अवैध ‘ट्रैक्टर मंडी’ का बोलबाला, परिवहन नियमों की उड़ रही धज्जियां

Spread the love

Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश के जनपद लखीमपुर खीरी का मोहम्मदी क्षेत्र इन दिनों पुराने वाहनों के अवैध कारोबार का केंद्र बनता जा रहा है। विशेष रूप से मोहम्मदी-पुवायां रोड, शाहजहांपुर रोड और गोला रोड पर पुराने ट्रैक्टरों की बिक्री का अवैध कारोबार चरम पर है। सड़क किनारे दर्जनों की संख्या में खड़े पुराने ट्रैक्टर न केवल यातायात के लिए बाधा बन रहे हैं, बल्कि सरकारी राजस्व और सुरक्षा मानकों के लिए भी बड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं।

सड़क किनारे सज रही अवैध मंडियां

स्थानीय स्तर पर पड़ताल करने पर सामने आया है कि मोहम्मदी को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर अस्थायी रूप से पुराने ट्रैक्टरों की प्रदर्शनी लगाकर उन्हें बेचा जा रहा है। यह कारोबार किसी अधिकृत शोरूम या यार्ड से नहीं, बल्कि खुलेआम सड़क की पटरियों पर फल-फूल रहा है। बिना किसी ट्रेड लाइसेंस के चल रहे इस व्यापार ने अब एक बड़े सिंडिकेट का रूप ले लिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस अवैध मंडी के कारण आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आँखें मूंदकर बैठे हैं।

Lakhimpur Kheri: नियमों का खुला उल्लंघन

मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार, किसी भी पुराने वाहन की व्यावसायिक बिक्री के लिए विक्रेता के पास परिवहन विभाग (RTO) द्वारा जारी ‘डीलर लाइसेंस’ होना अनिवार्य है। सूत्रों के अनुसार, बेचे जा रहे अधिकांश ट्रैक्टरों के पास वैध बीमा और प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) नहीं हैं। कई मामलों में ट्रैक्टर बेच तो दिए जाते हैं, लेकिन स्वामित्व हस्तांतरण (Transfer of Ownership) की प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती। इससे भविष्य में किसी आपराधिक घटना या दुर्घटना की स्थिति में वाहन के वास्तविक मालिक पर कानूनी संकट आ सकता है। भारत सरकार की नई स्क्रैप नीति के अनुसार, एक निश्चित अवधि से पुराने वाहनों को सड़क से हटाना अनिवार्य है, लेकिन यहाँ 15-20 साल पुराने ट्रैक्टरों को रंग-रोगन कर नए जैसा दिखाकर भोले-भाले किसानों को बेचा जा रहा है।

राजस्व को लग रहा लाखों का चूना

यह पूरा कारोबार नकद लेनदेन पर आधारित है। बिना पक्के बिल और जीएसटी (GST) के होने वाली इस बिक्री से उत्तर प्रदेश सरकार को मिलने वाले राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है। जानकारों का कहना है कि यदि इन ट्रैक्टरों की खरीद-बिक्री को वैध दायरे में लाया जाए, तो सरकार को पंजीकरण शुल्क और कर के रूप में मोटी आय हो सकती है। सबसे गंभीर विषय यह है कि यह सब कुछ जिला प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग की नाक के नीचे हो रहा है। मोहम्मदी-पुवायां रोड एक व्यस्त मार्ग है, जहाँ से प्रशासनिक अधिकारियों का गुजरना रोजाना होता है। इसके बावजूद, इन अवैध विक्रेताओं पर कार्रवाई न होना मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

स्थानीय निवासी राम शरण (नाम परिवर्तित) का कहना है कि ये ट्रैक्टर माफिया इतने प्रभावी हैं कि सड़क के किनारे सरकारी जमीन पर कब्जा कर चुके हैं। न तो इनके पास कोई लाइसेंस है और न ही ये किसी नियम को मानते हैं। अगर कोई विरोध करता है, तो उसे डराया-धमकाया जाता है।

Lakhimpur Kheri: क्या कहते हैं कानूनी विशेषज्ञ?

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, बिना स्वामित्व हस्तांतरण के वाहन बेचना एक गंभीर कानूनी अपराध है। यदि कोई अवैध ट्रैक्टर किसी दुर्घटना में शामिल पाया जाता है, तो कानूनन उसका पुराना मालिक ही जिम्मेदार माना जाएगा। साथ ही, बिना लाइसेंस के व्यावसायिक गतिविधि करना व्यापारिक कानूनों का उल्लंघन है। लखीमपुर खीरी के जागरूक नागरिकों और किसानों ने जिलाधिकारी और परिवहन विभाग से मांग की है कि मोहम्मदी क्षेत्र में चल रही इन अवैध ट्रैक्टर मंडियों की सघन जांच की जाए।

Report By: Sanjay Kumar

ये भी पढ़े… सोशल मीडिया पर ‘खौफ’ का कारोबार! लखीमपुर में तमंचा लहराते युवक का वीडियो वायरल

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments