Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश शासन की अपराध और अपराधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत जनपद लखीमपुर खीरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के अंतर्गत पुलिस की प्रभावी पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर माननीय न्यायालय ने दो अलग-अलग मामलों के दोषियों को दंडित किया है। पुलिस और अभियोजन पक्ष के बेहतर समन्वय से वर्षों पुराने मामलों में अपराधियों को कानून के कटघरे में खड़ा किया गया।

मामला 1: ईसानगर क्षेत्र में डकैती की योजना बनाने वालों को मिली सजा
पहला मामला थाना ईसानगर से संबंधित है, जो वर्ष 2000 का है। जानकारी के अनुसार, अभियुक्त भारत (पुत्र नन्हकऊ), कालिका (पुत्र मैकु पासी) और रामस्वरूप (पुत्र मेहीलाल) ने डकैती की नीयत से जानलेवा हमला किया था। इस संबंध में थाना ईसानगर में मु.अ.सं. 132/2000 धारा 394/411 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। वर्षों चली कानूनी प्रक्रिया और पुलिस की मजबूत पैरवी के बाद, माननीय न्यायालय ACJM-02 खीरी ने तीनों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए कोर्ट उठने तक की अवधि के कारावास और प्रत्येक पर 1800-1800 रुपये का अर्थदंड लगाया। इस सजा को सुनिश्चित कराने में लोक अभियोजक श्री अखिलेश प्रकाश, कोर्ट मुहर्रिर कांस्टेबल तौफीक और न्यायालय पैरोकार कांस्टेबल सतवीर सिंह की भूमिका सराहनीय रही।
Lakhimpur Kheri: मामला 2: अवैध शस्त्र के साथ पकड़े गए अभियुक्त को दंड
दूसरा मामला थाना मोहम्मदी क्षेत्र का है। वर्ष 2011 में पुलिस ने अभियुक्त सगीर (पुत्र रशीद) को एक अदद अवैध बांके के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में पुलिस ने धारा 4/25 आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए चार्जशीट दाखिल की थी। माननीय न्यायालय ACJM-मोहम्मदी ने इस मामले की सुनवाई करते हुए अभियुक्त सगीर को जेल में बिताई गई अवधि के कारावास और 500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। इस मामले में सजा दिलाने के लिए लोक अभियोजक श्री कमलेन्द्र कुमार विमल, हेड कांस्टेबल नरोत्तम सिंह और पैरोकार कांस्टेबल अटलवीर सिंह ने प्रभावी पैरवी की।

क्या है ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’?
उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा संचालित ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ का मुख्य उद्देश्य जघन्य अपराधों, विशेषकर बलात्कार, हत्या, डकैती, धर्मांतरण और गोकशी जैसे मामलों में त्वरित जांच कर अपराधियों को कम से कम समय में सजा दिलाना है। लखीमपुर खीरी के पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिले की मॉनिटरिंग सेल और न्यायालय पैरोकार टीम लगातार पुराने मामलों का निस्तारण कराने में जुटी है। खीरी पुलिस प्रशासन का कहना है कि न्यायालय द्वारा सुनाए गए ये फैसले अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करेंगे और जनता में पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास को और मजबूत करेंगे। इन फैसलों से स्पष्ट है कि लखीमपुर खीरी पुलिस न केवल अपराधियों की धरपकड़ कर रही है, बल्कि न्यायालय में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत कर उन्हें उनके अंजाम तक भी पहुंचा रही है।








